भारत ने दुनिया को चेताया-मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग में हो सकता है क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल

Published : Apr 19, 2022, 08:16 AM ISTUpdated : Apr 19, 2022, 08:23 AM IST
भारत ने दुनिया को चेताया-मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग में हो सकता है क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल

सार

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण(Union Minister of Finance Nirmala Sitharaman) ने क्रिप्टोकरेंसी(cryptocurrency) को लेकर दुनिया को अलर्ट किया है। सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund-IMF) की मीटिंग में उन्होंने यह बता कही। केंद्रीय मंत्री आधिकारिक यात्रा पर वाशिंगटन पहुंची हैं।

नई दिल्ली. फिनटेक क्रांति(fintech revolution) के बीच क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में अच्छी तेजी देखने को मिल रही है। लेकिन इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण(Union Minister of Finance Nirmala Sitharaman) ने क्रिप्टोकरेंसी(cryptocurrency) को लेकर दुनिया को अलर्ट किया है। सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund-IMF) की मीटिंग में उन्होंने यह बता कही। पहले बता दें कि फिनटेक (fintech) यानी financial technology का अर्थ होता है वित्तीय कार्य  को टेक्नोलॉजी की मदद से पूरा करना। जा कंपनी यह काम करती है, उसे फिनटेक कंपनी कहा जाता है।

वित्तमंत्री ने रेग्युलेशन पर जो दिया
इस वसंत मीटिंग (spring meet) के दौरान आयोजित एक संगोष्ठी(seminar) में अपनी बात रखते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा-"मुझे लगता है कि बोर्ड के सभी देशों के लिए एक पहलू सबसे बड़ा जोखिम मनी लॉन्ड्रिंग होगा और एक पहलू क्रिप्टोकरेंसी का आतंक के वित्तपोषण(terror funding) में इस्तेमाल।'' निर्मला सीतारमण ने कहा कि उन्हें लगता है कि टेक्नोलॉजी का उपयोग करके विनियमन(रेग्युलेशन यानी कुछ नियम-कानून) ही एकमात्र इसका हल होगा।

यह भी जानें
बता दें कि केंद्रीय मंत्री विश्व बैंक में स्प्रिंग मीटिंग्स, G20 वित्त मंत्रियों की बैठक और सेंट्रल बैंक गवर्नर मीटिंग (FMCBG) में भाग लेने के लिए आधिकारिक यात्रा पर वाशिंगटन पहुंची हैं। यात्रा के पहले दिन वित्त मंत्री ने आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा द्वारा आयोजित "मनी एट ए क्रॉसरोड" पर एक उच्च स्तरीय पैनल चर्चा में भाग लिया। सीतारमण ने डिजिटल दुनिया में भारत के प्रदर्शन और पिछले एक दशक में डिजिटल बुनियादी ढांचे के ढांचे के निर्माण के लिए सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने COVID-19 महामारी के दौरान भारत में डिजिटल के इस्तेमाल में हुई वृद्धि पर भी फोकस डाला।

इन बैठक में लिया भाग
वित्तमंत्री ने विश्व बैंक, आईएमएफ, जी20 और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) के साथ अपनी आधिकारिक मीटिंग के अलावा, सोमवार को वाशिंगटन डीसी स्थित एक थिंक टैंक अटलांटिक काउंसिल के एक कार्यक्रम में भी भाग लिया।

वित्त मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि वित्तमंत्री इस यात्रा में इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के साथ-साथ विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मलपास के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक सहित कई द्विपक्षीय बातचीत भी शामिल होगी।

विशेष रूप से वाशिंगटन में बैठक समाप्त होने के बाद सीतारमण 24 अप्रैल को सैन फ्रांसिस्को जाएंगी, जहां वह व्यापारिक नेताओं के साथ बातचीत करेंगी और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के संकाय और छात्रों के साथ भी बातचीत करेंगी। वह 27 अप्रैल को भारत के लिए रवाना होंगी।

क्या है क्रिप्टोकरेंसी
क्रिप्टोकुरेंसी, क्रिप्टो-मुद्रा, क्रिप्टो या सिक्का(A cryptocurrency, crypto-currency, crypto or coin) एक डिजिटल मुद्रा है। इसे कंप्यूटर नेटवर्क के जरिये एक्सचेंज करने के हिसाब से डिज़ाइन किया गया है। यानी यह डिजिटल तरीके से एक्सचेंज होती है। यह एक्सचेंज के लिए फिलहाल किसी भी केंद्रीय प्राधिकरण(central authority), जैसे सरकार या बैंक पर निर्भर नहीं है।

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