प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने गुजरात के गांधीनगर में स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर ऑफ स्कूल का जायजा लिया। उन्होंने इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा स्कूलों के शिक्षकों और छात्रों से बात की।

गांधीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सोमवार को तीन दिन की यात्रा पर गुजरात पहुंचे। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद प्रधानमंत्री ने गांधीनगर स्थित विद्या समीक्षा केंद्र (कमांड एंड कंट्रोल सेंटर ऑफ स्कूल) का दौरा किया। उन्होंने कमांड सेंटर से किस तरह पूरे गुजरात के सरकारी स्कूलों को मॉनिटर किया जाता है इसके बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। इसके बाद शिक्षकों और छात्रों से बातचीत की। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

शिक्षिका राजेश्वरी पटेल से पीएम ने पूछा कि नई पीढ़ी के लिए टेक्नोलॉजी तो सरल है, लेकिन आपलोगों को इन चीजों में कितनी रूची है। शिक्षिका ने कहा कि कोरोना काल में हमारा स्कूल बंद था, लेकिन शिक्षा नहीं। हमारे अधिकतर बच्चों ने ऑनलाइन क्लास अटैंड किया। इसके बाद पीएम ने स्कूल के बच्चों से पूछा कि कितने बच्चे दीक्षा पोर्टल से जुड़े हुए हैं। अधिकतर बच्चों ने समर्थन में हाथ ऊपर किया। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई छात्र मुझे बता सकता है कि दीक्षा पोर्टल पर क्या परेशानी आती है। नहीं तो ये लोग दीक्षा पोर्टल पर जाते होंगे, इसके बाद कहीं और चले जाते होंगे। शिक्षिका ने कहा कि बच्चों के परिजनों से हमें जानकारी मिली है कि दीक्षा ऐप का वीडियो सेगमेंट इतना अच्छा है कि बच्चे अब उसे ही देखते हैं। बच्चों ने गेम खेलना या दूसरे ऐप पर जाना बंद कर दिया।

शिक्षिका से पीएम ने पूछा पोर्टल से परेशानी बढ़ गई क्या?
नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस पोर्टल के चलते आप पर बच्चों की तरफ ध्यान देने का बोझ बढ़ गया है क्या? रोज रिपोर्ट जा रही है। यह सिरदर्द कहां से आ गया है। ऐसा आपको लगता है क्या? इसपर शिक्षिका ने कहा कि नहीं सर, ऐसी बात नहीं है। इसपर पीएम ने हंसते हुए कहा कि आपके शिक्षकों के चेहरे देखकर तो ऐसा लग रहा है। उनके चेहरे देखकर मुझे लग रहा है कि यह उनके लिए मुसीबत का कारण है। 

यह भी पढ़ें- लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे अगले थल सेना प्रमुख नियुक्त, 1 मई को संभालेंगे पदभार

इसके बाद पीएम ने एक छात्रा से बात की। उन्होंने पूछा कि आपको दीक्षा पोर्टल से क्या फायदा है? छात्रा ने जवाब दिया कि पोर्टल पर पढ़ना मुझे अच्छा लगता है। इसके बाद पीएम ने पूछा कि आपको खेलने का समय मिलता है क्या? छात्रा कुछ नहीं बोली तो पीएम ने कहा कि लगता तो नहीं कि तुम खेलती हो। न खेलती हो, न खाती हो। कितना नंबर आता है क्लास में? छात्रा ने कहा कि मैं फर्स्ट आती हूं तो पीएम ने कहा कि इसिलिए तुम्हें खड़ा कर दिया है।

यह भी पढ़ें- समुद्र में अकसर आने वाले चैलेंज से कैसे निपटा जाए, दक्षिण अफ्रीकी नौसेना ने भारत आकर ली ट्रेनिंग