
जम्मू. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तीन दिनी दौरे पर (3-5 अक्टूबर) तक जम्मू-कश्मीर में हैं। शाह ने 4 अक्टूबर की सुबह माता वैष्णो देवी मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद शाह राजौरी में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए जम्मू-कश्मीर में गुर्जर, बकरवाल और पहाड़ी समुदायों से आरक्षण का वादा किया। यहां पहाड़ियों(ऊंचाई पर रहने वाले समुदाय) को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने का मुद्दा काफी समय से उठता आया है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर के राजौरी, हंदवाड़ा, पुंछ और बारामूला में पहाड़ियों की बड़ी आबादी निवास करती है। बता दें कि अमित शाह पहले 30 सितंबर को यहां जाने वाले थे, लेकिन फिर शिड्यूल में बदलाव किया गया था।
ये उनको जवाब है
अमित शाह ने राजौरी में कहा-जम्मू-कश्मीर में आज की ये रैली, मोदी, मोदी के नारे...ये उनको जवाब है, जो कहते थे कि आर्टिकल 370 हटने के बाद खून की नदियां बह जाएंगी। आज नवरात्रि का अंतिम दिन है, माता वैष्णो देवी जी के दर्शन करके खुशहाल कश्मीर का आशीर्वाद मांग कर यहां आया हूं। 70 वर्ष तक जम्मू-कश्मीर पर तीन परिवारों ने राज किया, लोकतंत्र सिर्फ अपने परिवारों में बना दिया था। आप सभी को कभी भी ग्राम पंचायत, तहसील पंचायत, जिला पंचायत का अधिकार मिला था क्या? तीन परिवारों ने लोकतंत्र का, जम्हूरियत का मतलब सिर्फ पीढ़ियों तक शाासन करना निकाल दिया था।
अगर धारा 370 न हटती तो...
शाह ने कहा- देश में सरकार बदली, 2014 से नरेन्द्र मोदी जी प्रधानमंत्री बनें, तब मोदी जी ने सबसे पहले जम्मू-कश्मीर में पंचायत के चुनाव कराए। पहले जो सिर्फ तीन परिवार के पास था, आज 30 हजार के पास जम्मू-कश्मीर का शासन आया है। अनुच्छेद 370 और 35A हटने से यहां पिछड़ों को, दलितों को, आदिवासियों को और पहाड़ियों को अपना अधिकार मिलने वाला है। मोदी जी ने 5 अगस्त 2019 को एक महत्वपूर्ण फैसला दिया, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A को उखाड़ कर फेक दिया। अगर अनुच्छेद 370 और 35A नहीं हटता तो जम्मू-कश्मीर में ट्राइबल रिजर्वेशन नहीं मिलता।जम्मू-कश्मीर में तीन परिवारों ने भ्रष्टाचार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। आज मोदी जी पूरे जम्मू-कश्मीर के 27 लाख परिवारों को पांच लाख तक का स्वास्थ्य का पूरा खर्च उठा रहे हैं, 70 वर्ष में इन तीन परिवारों ने दिया क्या?
पहले आए दिन जम्मू-कश्मीर से पथराव के समाचार आते थे। आज पथराव के समाचार नहीं आते हैं। मोदी जी ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं को सशक्त करने का काम किया है। आजादी से लेकर 2019 तक पूरे जम्मू-कश्मीर में 15 हजार करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश आया था। 2019 से अब तक इन तीन वर्ष में 56 हजार करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश पूरे जम्मू-कश्मीर में आया है।
मां भगवती सभी पर कृपा बनाए रखें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को महानवमी के अवसर पर जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी मंदिर में दर्शन किए और पूजा अर्चना की। अधिकारियों ने कहा कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ गृह मंत्री नौ दिवसीय नवरात्र समारोह के समापन के दिन मंदिर में दर्शन करने के लिए हेलीकॉप्टर से सांजी छत पहुंचे। मंदिर जाने से पहले शाह ने एक ट्वीट में देश के लोगों को महा नवमी पर्व की बधाई दी। गृह मंत्री ने हिंदी में ट्वीट किया, "सभी को महानवमी की शुभकामनाएं। मां भगवती सभी पर अपनी कृपा और आशीर्वाद बनाए रखें। जय माता दी!" अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्री के दौरे के मद्देनजर मंदिर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (एसएमवीडीएसबी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंशुल गर्ग और प्रमुख लोगों और धार्मिक नेताओं सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
धारा 370 हटने के बाद तीसरा दौरा
धारा 370 को निरस्त करने के बाद अमित शाह की जम्मू-कश्मीर की यह तीसरी यात्रा है। इस वर्ष में दूसरी (यात्रा) है। 2022 की शुरुआत में उन्होंने 18 और 19 मार्च को केंद्र शासित प्रदेश का दौरा किया था। इससे पहले, उन्होंने 2021 में 23 से 26 अक्टूबर तक जम्मू-कश्मीर की चार दिवसीय यात्रा की थी।
शाह के 3 अक्टूबर को जम्मू पहुंचने पर एयरपोर्ट पर PMO में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और गृह मंत्रालय (MHA) के सीनियर के साथ उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, चीफ सेक्रेट्री अरुण कुमार मेहता और नागरिक और पुलिस प्रशासन के टॉप आफिसर्स ने स्वागत किया। गृह मंत्री का स्वागत करने के लिए बीजेपी कोर ग्रुप के सदस्य जैसे जम्मू-कश्मीर बीजेपी अध्यक्ष रविंदर रैना, महासचिव (संगठन) अशोक कौल, सांसद जुगल किशोर शर्मा, पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ निर्मल सिंह और कविंदर गुप्ता भी मौजूद थे।
हवाई अड्डे से अमित शाह सीधे राजभवन गए, जहां विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों के साथ उनकी बैठकें हुईं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्री से मिलने वाले प्रमुख प्रतिनिधिमंडलों में राजन सिंह और अजातशत्रु सिंह के नेतृत्व वाली युवा राजपूत सभा (वाईआरएस) शामिल हैं; गुलाम अली खटाना (एमपी) के नेतृत्व में गुर्जर बकरवाल (एसटी) प्रतिनिधिमंडल; विबोध गुप्ता (पूर्व एमएलसी) के नेतृत्व में पहाड़ी प्रतिनिधिमंडल; डीडीसी पद्दार हरि कृष्ण के नेतृत्व में पद्दार प्रतिनिधिमंडल; सरबजीत सिंह जोहल और डीडीसी सदस्य रामगढ़ के नेतृत्व में सिख प्रतिनिधिमंडल शामिल है।
वाईआरएस प्रतिनिधिमंडल ने 23 सितंबर को महाराजा हरि सिंह की जयंती पर अवकाश घोषित करने के लिए गृह मंत्री को धन्यवाद दिया और राजपूत कल्याण बोर्ड के गठन की मांग की। प्रतिनिधिमंडलों ने डोगरा प्रमाण पत्र जारी करने और SKUAST जम्मू का नाम बाबा जित्तो कृषि विश्वविद्यालय के रूप में नामित करने से संबंधित मांगों को भी उठाया।
यह भी पढ़ें
होटल में 19 साल की Girlfriend से 10 साल बड़े प्रेमी ने कर दी ऐसी हरकत, रोमांस खौफनाक मंजर में बदल गया
गांजा पीने के बाद ठिकाने पर नहीं रहा दिमाग, मासूम का गला रेंत दिया, बोले-सपना आया था कि एक बलि चढ़ाओ
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.