सड़क हादसे में घायल हुए तो 1.5 लाख तक होगा कैशलेस इलाज, जानें योजना की खास बातें

Published : Jan 08, 2025, 12:30 PM ISTUpdated : Jan 08, 2025, 12:32 PM IST
Nitin Gadkari

सार

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मार्च से सड़क हादसों में घायलों के लिए 1.5 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज की घोषणा की है। यह योजना सभी सड़कों पर मोटर वाहन हादसों पर लागू होगी और NHA इसकी देखरेख करेगा।

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने घोषणा की है कि भारत सरकार देशभर में एक ऐसी योजना लॉन्च करने जा रही है, जिससे हादसे में घायल हुए लोगों को कैशलेस इलाज मिल सकेगा। इसकी शुरुआत मार्च में होगी।

इस पहल के अनुसार हादसा होने के बाद सात दिन तक पीड़ित का 1.5 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज हो सकेगा। यह योजना सभी प्रकार की सड़कों पर मोटर वाहनों से होने वाले हादसों को कवर करेगी। NHA (National Health Authority) पुलिस, अस्पतालों और राज्य स्वास्थ्य एजेंसियों के साथ योजना के तहत घायलों का सही इलाज हो सके इसकी देखरेख करेगा।

चंडीगढ़ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई थी यह योजना

यह योजना एक IT प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित होगा। यह सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के ई-विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट (eDAR) एप्लिकेशन को NHA की लेनदेन प्रबंधन प्रणाली से जुड़ा रहेगा। 14 मार्च 2024 को चंडीगढ़ में यह पहल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई थी। बाद में इसे छह राज्यों तक फैलाया गया। इस पहल का लक्ष्य हादसे के बाद के महत्वपूर्ण समय में घायल को इलाज मुहैया करना है ताकि अधिक से अधिक जानें बचाई जा सकें।

ड्राइवरों के लिए तय होंगे काम के घंटे

मीडिया से गडकरी ने कहा कि सरकार सड़क सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की कोशिश कर रही है। पायलटों की तरह ड्राइवरों के लिए काम के घंटे रेगुलेट करने के लिए नीतियां विकसित की जा रहीं हैं। ड्राइवर थकी हुई हालत में गाड़ी नहीं चलाएं इसकी व्यवस्था की जा रही है। यह हादसे के मुख्य कारणों में से एक है। देश में 22 लाख ड्राइवर की कमी है।

गडकरी ने पूरे देश में चालक प्रशिक्षण संस्थान (डीटीआई) स्थापित करने की योजना की भी घोषणा की। उन्होंने नए नियमों के माध्यम से ई-रिक्शा सुरक्षा में सुधार के महत्व पर जोर दिया। कार्यशाला के दौरान चर्चा किए गए अन्य उपायों में ट्रकों के लिए एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (एडीएएस) शुरू करना, वाहनों पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप का सख्त प्रवर्तन और महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए वाहन स्थान ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) को लागू करना शामिल था।

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