
PIB fact check controversy: नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कामकाज के खिलाफ फेक न्यूज फैलाने संबंधी आईटी नियमों में संशोधन किए गए हैं। इसको लेकर दावा किया जाने लगा कि केंद्र सरकार के बारे में फर्जी खबरों को जबरन हटा दिया जाएगा। वह खबर फेक न्यूज मानी जाएगी जिसे पीआईबी फैक्टचेक फर्जी डिक्लेयर करेगा। हालांकि, अधिसूचना के बाद केंद्रीय आईटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि आईटी नियमों में संशोधन में पीआईबी फैक्टचेक का कहीं उल्लेख नहीं है।
इस संबंध में वामपंथी नेता सीताराम येचुरी ने ट्वीट किया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की गई सामग्री को सेंसर करने के लिए प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो को व्यापक शक्तियां दी गईं हैं। यह अलोकतांत्रिक और अस्वीकार्य हैं। सेंसरशिप और लोकतंत्र एक साथ नहीं रह सकते। आईटी नियमों में इन संशोधनों को तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। इस ट्वीट के लिए केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सीताराम येचुरी की क्लास लगाई है।
राजीव चंद्रशेखर ने कहा- गलत सूचना फैला रहे हैं सीताराम येचुरी
राजीव चंद्रशेखर ने सीताराम येचुरी के ट्वीट को री ट्वीट करते हुए बताया कि यह ट्वीट या तो जानबूझकर गलत सूचना फैलाने के लिए किया गया है या उन्हें सच्चाई पता नहीं है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो को कोई व्यापक शक्तियां नहीं दी गई हैं। आईटी नियमों में पहले से ही सोशल मीडिया परे शेयर किए जाने वाले कंटेंट को लेकर प्रावधान हैं।
सरकार से संबंधित सभी कंटेंट के लिए नई विश्वसनीय फैक्ट चेकिंग यूनिट बनाई गई है। सोशल मीडिया मध्यस्थों को अब उनकी मदद करनी होगी। सोशल मीडिया मध्यस्थों के पास फैक्ट चेकिंग फाइंडिंग को फॉलो करने या नजरअंदाज करने का विकल्प होगा। अगर वे फैक्ट के जांच की अवहेलना करते हैं तो उनके खिलाफ संबंधित विभाग कानूनी कार्रवाई कर सकता है। सरकार का लक्ष्य सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद इंटरनेट सुनिश्चित करना है।
पिनाराई सरकार मीडिया चैनलों पर मारती है छापा
राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि कॉमरेड येचुरी को पहले पिनाराई सरकार की कार्रवाइयों पर ध्यान देना चाहिए। उनकी सरकार मीडिया चैनलों पर छापा मारती है। मंत्री ने कहा कि येचुरी, राहुल गांधी या उद्धव ठाकरे ने भारत सरकार के गलत सूचना-मुक्त इंटरनेट बनाने के काम को गलत तरीके से पेश किया है। इन्होंने झूठ बोलने की कोशिश की है। मंत्री ने कहा, “मैं आपको फ्री स्पीच पर आपके संयुक्त भयानक कठोर रिकॉर्ड की याद दिलाता हूं। जैसे- आईटी एक्ट की धारा 66ए का इस्तेमाल कर युवा कार्टूनिस्टों को कार्टून के लिए जेल भेजा गया था।”
सट्टेबाजी और जुएबाजी पर लगेगा लगाम
बता दें कि केंद्रीय इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने गुरुवार को संशोधित सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम 2021 की अधिसूचना जारी की। मंत्रालय ने बताया कि नए संशोधित नियमों के लागू होने के बाद ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुएबाजी पर लगाम के साथ ही सरकार के खिलाफ फेक न्यूज फैलाने वालों पर भी लगाम लग सकेगा।
लेकिन अगले दिन पीआईबी फैक्टचेक को लेकर उड़ गई अफवाह
हालांकि, नए आईटी नियमों की अधिसूचना जारी होने के अगले दिन यह अफवाह फैल गई कि पीआईबी फैक्टचेक कर फेक न्यूज डिक्लेयर करेगा। इसके बाद जबरिया न्यूज को हटाया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया...
केंद्रीय राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बताया कि नियम यह नहीं बता रहे हैं कि फेक न्यूज घोषित करने वाली एजेंसी पीआईबी फैक्ट चेक होगी। कहीं भी उल्लेख नहीं है कि पीआईबी फैक्ट चेक होने जा रहा है। कुछ अफवाह या गलतफहमियों की वजह से यह सामने आ रहे हैं लेकिन अधिसूचना में पीआईबी फैक्टचेक का कहीं उल्लेख नहीं। उन्होंने कहा कि अभी यह निर्णय नहीं हुआ है कि फेक न्यूज को चेक करने के लिए कोई संगठन नया होगा या पुराने संस्था से ही काम चलाया जाएगा। आईटी नियमों में संशोधन, विश्वसनीयता और विश्वास बढ़ाने के लिए है। इससे ऑनलाइन गेमिंग और सरकारी कारोबार के संबंध में गलत और भ्रामक जानकारी के प्रसार को रोका जा सकेगा।
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