
Rajeev Chandrasekhar on imposing fine to Twitter: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने केंद्र सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली ट्विटर की याचिका खारिज करने के कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने शुक्रवार को अदालत का फैसला आने के बाद एक बार फिर दोहराया कि सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म को देश के कानून का अनुपालन करना होगा। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करने के साथ-साथ माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर 50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म को कानून का अनुपालन करना होगा
राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने ट्वीट के जरिये कहा कि ‘सभी प्लेटफार्मों को भारतीय कानून का अनुपालन करना होगा और जैक डोर्सी (ट्विटर के पूर्व सीईओ) के नेतृत्व में ट्विटर ने बार-बार ऐसा करने से इनकार किया है।’
कानून का अनुपालन नहीं करने पर सरकार द्वारा दिए गए नोटिस के जवाब में, माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ने कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। राज्यमंत्री ने कोर्ट के फैसले का जिक्र अपने ट्वीट में किया है। कर्नाटक हाईकोर्ट की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आपके क्लाइंट (ट्विटर) को नोटिस दिया गया था और आपके क्लाइंट ने उसका अनुपालन नहीं किया। कानून का अनुपालन नहीं करने पर 7 साल की कैद और असीमित जुर्माना है। आपके क्लाइंट पर इसका भी असर नहीं पड़ा। बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आप (ट्विटर) किसान नहीं बल्कि अरबों डॉलर की कंपनी हैं।
जैक डोर्सी के बयान पर भी दी प्रतिक्रिया
आईटी राज्य मंत्री ने इसी महीने के आरंभ में ट्विटर के पूर्व सीईओ जैक डोर्सी के एक बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। डोर्सी ने यूट्यूब पॉडकास्ट पर दावा किया था कि केंद्र सरकार ने भारत में इस प्लेटफॉर्म को बंद करने की धमकी दी थी। राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने उनके दावे को सरासर झूठ बताते हुए कहा कि डोर्सी और उनकी टीम की अगुवाई में ट्विटर बार-बार और लगातार भारत के कानून का उल्लंघन कर रहा था। उन्होंने कहा कि भारत में काम करने वाले सभी सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज को यह सुनिश्चित करने के लिए कानूनों का अनुपालन करना होगा कि इंटरनेट सुरक्षित, भरोसेमंद और जवाबदेह है।
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