
नेशनल डेस्क। लोकसभा चुनाव का आज अंतिम चरण है। वहीं पीएम मोदी का अध्यात्मिक यात्रा भी आज खत्म हो जाएगी। पीएम मोदी के ध्यान मंडपम में ध्यान करने और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को प्रणाम करने आदि को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं की ओर से लगातार कमेंट किए जा रहे हैं। खड़गे समेत सीपीआईएम के नेता सीताराम येचुरी ने कमेंट करने के साथ एक ट्वीट भी पोस्ट किया है। इसके जवाब में यूनियन मिनिस्टर राजीव चंद्रशेखर ने पलटवार करते हुए तंज कसा है।
स्वामी जी की शिक्षाओं से सीख रहे हैं मार्क्सवादी
यूनियन मिनिस्टर राजीव चंद्रशेखर के बयान पर काउंटर अटैक करते हुए कहा कि मैं इस बात से काफी प्रभावित हूं कि मार्क्सवादी स्वामी विवेकानन्द की शिक्षाओं से सीख रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बहुत अच्छा संकेत है कि वे चीन और कार्ल मार्क्स की मृत विदेशी विचारधाराओं के आधार पर जीने की सीमाओं के प्रति जाग रहे हैं।
सनातन की तुलना कैसे डेंगू से कर रहे ये लोग
यूनियन मिनिस्टर राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि सीताराम येचुरी समेत अन्य नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि अब जरा कॉमरेड की बात करूं तो स्वामी विवेकानंद तो सनातन धर्म के पक्षधर थे। ऐसे में सीताराम येचुरी, एमके स्टालिन, उदय स्टालिन, राहुल गांधी और अन्य सहयोगी पार्टनर्स कैसे सनातन और हिन्दुओं के उन्मूलन की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही सनातन की तुलना डेंगू बीमारी से कर रहे हैं। यह स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं के विरुद्ध है।
पीएम मोदी का ‘सबका साथ सबका विश्वास’ में विश्वास
राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि मैं कामरेड का धन्यवाद करता हूं। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ‘सबका साथ सबका विश्वास’ का अनुसरण करते हैं जो कि स्वामी विवेकानंद की ओर से दी गई शिक्षा का मुख्य सार है।
येचुरी ने किया ये ट्वीट
भाकपा नेता सीताराम येचुरी ने ट्वीट कर पीएम मोदी पर तंज कसा था। उन्होंने ट्वीट किया था, 'क्या मोदी को 27 सितंबर, 1893 को शिकागो की विश्व धर्म संसद के अंतिम सत्र में स्वामी विवेकानंद के इन समापन शब्दों के बारे में पता है?' येचुरी ने स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध भाषण से एक उद्धरण भी साझा किया।
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