
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने आरबीआई के पूर्व गवर्नर डी सुब्बाराव की किताब 'जस्ट ए मर्सिनरी?: नोट्स फ्रॉम माई लाइफ एंड करियर' को लेकर प्रकाशित खबर को एक्स पर शेयर करते हुए कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम पर निशाना साधा है।
राजीव चन्द्रशेखर ने अपने पोस्ट में लिखा, "राजनीतिक इतिहास की सबसे बड़ी शर्मिंदगी में से एक पी. चिदंबरम और उनके कुछ साथियों द्वारा अर्थव्यवस्था पर की गई टिप्पणी है। यह अर्थव्यवस्था को नष्ट करने वाले किसी व्यक्ति के लिए पूरी तरह से बेशर्म है। उन्होंने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया, लेकिन आरबीआई कहना चाहता था कि अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में है।"
अर्थव्यवस्था की बेहतर तस्वीर पेश करने के लिए चिदंबरम ने आरबीआई पर दबाव डाला
बता दें कि आरबीआई के पूर्व गवर्नर डी सुब्बाराव ने 'जस्ट ए मर्सिनरी?: नोट्स फ्रॉम माई लाइफ एंड करियर' नाम की पुस्तक लिखी है। इसमें उन्होंने बताया है कि चिदंबरम ने अर्थव्यवस्था की बेहतर तस्वीर पेश करने के लिए आरबीआई पर दबाव डाला था।
सुब्बाराव ने बताया है कि चिदम्बरम ने विकास और मुद्रास्फीति के बढ़े हुए अनुमानों के साथ अर्थव्यवस्था की बेहतर तस्वीर पेश करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक पर दबाव डाला था। उन्होंने कहा कि अगर कोई सरकार जनता की भावना को बढ़ावा देने के लिए अनुमान बढ़ाने के लिए कहती है और अगर आरबीआई उस पर कार्रवाई करता है, तो यह गलत है। आरबीआई को अपनी विश्वसनीयता बनाए रखनी चाहिए। उसकी मौद्रिक नीति का रुख विकास और मुद्रास्फीति के अनुमानों पर आधारित होना चाहिए।
सुब्बाराव ने कहा कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा, लेकिन उसे तय किया जाना चाहिए कि इसका लाभ देश की आम जनता के साथ शेयर किया जाए। उन्होंने कहा कि आरबीआई स्वायत्तता की कमी से बाधित नहीं है। सवाल यह है कि सरकार आरबीआई की स्वायत्तता का कितना सम्मान करती है। आरबीआई स्वायत्तता का उपयोग कैसे करती है।
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