
नई दिल्ली। देश में तीसरी लहर का खतरा और कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद भी केंद्र सरकार कोरोना (Covid-19) वैक्सीन (Vaccine) बूस्टर डोज देने की जल्दबाजी में नहीं है। असल में सरकार पहले 100 प्रतिशत वैक्सीनेशन पूरा करने पर जोर दे रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने हाल में ही कहा था कि तीसरी खुराक देने के संबंध में कोई भी निर्णय स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञों की सिफारिश के आधार पर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य पहले पूरी आबादी को वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज देना है। तीसरी खुराक (Booster Dose) के संबंध में सरकार कोई सीधा निर्णय नहीं करेगी। कोई भी फैसला आईसीएमआर (ICMR)और विशेषज्ञों की सिफारिश के आधार पर होगा। आईसीएमआर के सूत्रों के मुताबिक यह अगले महीने तक हो सकता है।
79 फीसदी आबादी को मिली First Dose
देश में 79 प्रतिशत वयस्क आबादी को वैक्सीन की पहली डोज मिल चुकी है। 38 प्रतिशत पात्र आबादी ऐसी है जो दोनों डोज लगवा चुकी है। देश में 12 करोड़ से अधिक लोगों को समय होने के बावजूद दूसरी डोज नहीं लग पाई है, इसलिए सरकार पहले इन छूट गए लोगों को टीका मुहैया कराने पर जोर दे रही है।
एक डोज ही कम कर देती है असर
नीति आयोग (Niti Ayog) के सदस्य - स्वास्थ्य डॉ. वी. के. पाल का कहना है कि तेजी से टीकाकरण का बहुत ही सकारात्मक असर सामने आया है। इससे लोगों की प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि हुई है। दिल्ली में सीरो सकारात्मकता दर 97 प्रतिशत, उत्तरप्रदेश में 88 प्रतिशत और तेलंगाना में 85 प्रतिशत दर्ज की गई है। एक अध्ययन के अनुसार जिन लोगों ने कोविड टीके की पहली खुराक भी ली है, उन पर कोविड का घातक परिणाम सामने नहीं आया है।
हर माह 30-35 करोड़ डोज बन रहे
आईसीएमआर के डॉ. एनके अरोड़ा का कहना है कि देश को तीसरी खुराक देने के बजाय 100% पात्र आबादी को टीके की दोनों खुराक देना आवश्यक है। अगर कोई व्यक्ति किसी भी तरीके से कोविड टीके की तीसरी खुराक ले भी लेता है, तो वह रिकॉर्ड में नहीं आएगी। टीके की बूस्टर डोज के बारे में अध्ययन किया जा रहा है। अगले महीने तक इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी हो सकते हैं। देश में अभी प्रति माह 30 से 35 करोड़ टीके बन रहे हैं।
यह भी देखें
Covid-19 :देश में 12 करोड़ लोगों को नहीं लगी दूसरी डोज, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बोले- जारी रखें लड़ाई
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की किताब के छठे चैप्टर पर लिखीं वो लाइन क्या हैं जिस पर मचा है बवाल?
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.