
नई दिल्ली. विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने विहिप के अधिकृत फ़ेसबुक पेज से अपने लाइव सम्बोधन में आरोप लगाया है कि कोरोना महामारी में जहां हिंदू मठ-मंदिर, गुरुद्वारे, आश्रम लोगों की सेवाभाव में लगे हैं, वहीं चर्च और इस्लामिक जिहादी भारत विरोधी गतिविधियों में लगे हैं। विहिप ने चेतावनी दी कि अगर ये लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आए, तो इनके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा।
विहिप ने भारत विरोधी गतिविधियों पर दिखाई नाराजगी
डॉ. सुरेन्द्र जैन ने कहा कि मानवता के इस गंभीर संकट काल में भी चर्च व जिहादी तत्व सुनियोजित तरीके से अपने अमानवीय एजेंडे को लागू करने में लगे हैं। कुछ लोग भारत को दारुल इस्लाम व गजवाएहिन्द, तो वहीं कुछ लोग इसे लैंड ऑफ क्राइस्ट, किंगडम ऑफ क्राइस्ट व साम्राज्यवादी विस्तार की रण-भूमि बनाने में जुटे हैं। एक ओर जहां इस्लामिक जिहादी शाहीनबाग, शिव विहार, सीलमपुर, मेरठ, इंदौर, उज्जैन, बंरा व जयपुर जैसे हमले तथा जगह-जगह हिंदुओं के घरों में घुसकर रिंकू शर्मा की तरह नृशंस हत्याओं में लिप्त हैं, वहीं चर्च सेवा का लबादा ओढ़कर धर्मांतरण में जुटा है।
विहिप नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस गंभीर संक्रमण काल में वे अपनी इस मानसिकता से बाज आएं। हमारे अधिकांश मठ-मंदिर, आश्रम, गुरुद्वारे, जैन-स्थानक, सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, व व्यापारिक संगठन, आरडब्लूए, संघ, विहिप, बजरंग दल व दुर्गा-वाहिनी इत्यादि अपने पूरे मनोयोग से कोरोना योद्धाओं की तरह महामारी से युद्ध लड़ते हुए अपने जीवन को जोखिम में डाल, दवाई, आक्सीजन, अस्पताल, चिकित्सकीय परामर्श, भोजन के पैकेट, सम्मानजनक अंतिम संस्कार तथा पीड़ितों के परिजनों की सहायता में जुटे हैं। किन्तु ऐसी परिस्थितियों में भी जिहादी न सिर्फ कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ाकर लोगों के जीवन को संकट में डाल रहे हैं, बल्कि गजवाएहिन्द के काल्पनिक स्वप्न को साकार करने के लिए लगातार सामूहिक रूप से संगठित हिंसा, हत्या, जिहाद व आगजनी में लगे हैं।
बंगाल हिंसा की निंदा
विहिप नेता ने कहा कि बंगाल में तो मुस्लिम तुष्टीकरण में डूबी टीएमसी के गुंडे भी जिहादियों के सहयोगी बने हैं। बंगाल के कुछ हिन्दू असम की ओर पलायन को मजबूर हैं। जबकि, बंग्लादेशी घुसपैठिए व रोहिंग्या मुसलमानों का स्वागत किया जा रहा है। ये कौन सी मानसिकता है? उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इससे पहले की हिन्दू समाज को आत्मरक्षा के लिए खड़ा होना पड़े, सरकार हिंदुओं की सुरक्षा हेतु कठोरतम कार्यवाही करे।
डॉ. जैन ने कहा कि चर्च के पदाधिकारियों ने तो स्वयं स्वीकारते हुए कहा है कि उन्होंने इस कोरोनाकाल में एक लाख से अधिक हिंदुओं को ईसाई बनाया है। भारत के 50 हजार से अधिक गांवों में इस दौरान अपनी पकड़ मजबूत की है। एक-एक चर्च द्वारा दस-दस गांवों को गोद लेकर हम शीघ्र ही किंगडम ऑफ गॉड बनाने वाले हैं। कोरोना के इस एक साल में जितनी चर्च बनी हैं, जितनी गत 25 वर्षों में नहीं बनीं।
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