
Waqf Amendment Bill 2024: वक्फ संशोधन विधेयक 2024 बुधवार 2 अप्रैल को संसद में पेश किया जाना है। इससे पहले लोकसभा में इस पर 8 घंटे लंबी बहस के लिए समय दिया गया है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव वक्फ पर चर्चा के दौरान करीब 20 मिनट तक बोले। शुरुआत में उन्होंने कहा- ये बिल मुझे न हिन्दी में समझ आया, न इंग्लिश में। इसके बाद वो इधर-उधर की बातें करते रहे, जिस पर लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने उन्हें टोंकते हुए कहा- अखिलेश जी वक्फ पर फोकस कर लो।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव वक्फ पर बातचीत के लिए खड़े हुए लेकिन वो मुद्दे से भटक कर बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव पर पहुंच गए। इस पर अमित शाह ने उन्हें करारा जवाब दिया। इसके बाद अखिलेश यादव कुंभ की बातें करने लगे और फिर वहां से नोटबंदी पर आ गए। बाद में वो यूपी चुनाव पर बात करने लगे। बार-बार मुद्दे को छोड़कर इधर-उधर की बातें करने वाले अखिलेश को लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने टोंकते हुए कहा- 'अखिलेश जी जरा वक्फ पर भी आ जाओ'।
इससे पहले बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने वक्फ बोर्ड पर विपक्ष से कई तीखे सवाल किए। उन्होंने कहा- वोट बैंक के लिए देश कहां तक जाएगा और इसे क्यों जाना चाहिए? रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष को कटघरे में खड़ा करते हुए पूछा- वक्फ बोर्ड की संपत्ति से अब तक कितने स्कूल बनवाए गए? वक्फ बोर्ड की प्रॉपर्टी से मुस्लिमों के लिए कितने कॉलेज यूनिवर्सिटी का निर्माण हुआ? वक्फ की संपत्ति से देश के कितने मुस्लिमों का भला हुआ। क्या वक्फ बोर्ड की संपत्ति से गरीब और पसमांदा मुसलमानों के लिए कुछ किया गया?
वक्फ बोर्ड का गठन 1954 में हुआ और इसी के साथ भारत के इस्लामीकरण का एजेंडा शुरू हुआ। 1995 में पीवी नरसिम्हा राव की कांग्रेस सरकार ने वक्फ एक्ट 1954 में संशोधन किया और नए-नए प्रावधान जोड़कर वक्फ बोर्ड को ताकतवर बना दिया। दुनिया के किसी भी इस्लामी देश में वक्फ बोर्ड नाम की कोई संस्था नहीं है। ये सिर्फ भारत जैसे देश में है, जो इस्लामिक नहीं बल्कि एक सेकुलर देश है।
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