कार के पीछे भागते पत्रकारों को देखकर गौ तस्कर की छूट गई हंसी, फिर रोने लगा, साथ में पढ़िए TMC में भगदड़

Published : Aug 12, 2022, 08:52 AM ISTUpdated : Aug 12, 2022, 02:30 PM IST
कार के पीछे भागते पत्रकारों को देखकर गौ तस्कर की छूट गई हंसी, फिर रोने लगा, साथ में पढ़िए TMC में भगदड़

सार

पश्चिम बंगाल का मुर्शिदाबाद सीमा पार गौ तस्करी का एक बड़ा गढ़ माना जाता है। CBI द्वारा TMC लीडर अनुब्रत मंडल की गिफ्तारी के बाद यहां के कई तृणमूल नेताओं में डर बैठ गया है। मंडल 10 दिनों की सीबीआई कस्टडी में हैं।

कोलकाता. गौ तस्करी के मामले में CBI द्वारा अरेस्ट TMC लीडर अनुब्रत मंडल(Anubrata Mondal) को स्पेशल कोर्ट ने 10 दिनों की कस्टडी में भेज दिया है। जब सीबीआई की टीम उन्हें आसनसोल में स्पेशल कोर्ट में पेशी के बाद कोलकाता ले जा रही थी, तब मंडल कभी परेशान दिखे, तो कभी पसीना पौंछते। एक बार वो मीडिया को पीछे भागते देखकर हंसे भी। सीबीआई के मुताबिक 2015 से 2017 के दौरान बीएसएफ ने 20,000 पशुओं के सिर बरामद किए थे। इनकी सीमा पार तस्करी होनी थी। इस मामले में मंडल का बॉडीगार्ड हुसैन पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। पढ़िए इस मामले से जुड़ीं 10 महत्वपूर्ण बातें...

ये हैं गौ तस्कर अनुब्रत मंडल से जुड़ीं 10 बड़ी बातें
1.
कांग्रेस के मुर्शिदाबाद जिला महासचिव जयंत दास का मानना है कि बीरभूम और मुर्शिदाबाद के रास्ते सीमा पार गायों की तस्करी हुई है, तो अनुब्रत मंडल की गिरफ्तारी के बाद यहां के कई TMC नेताओं को थोड़ा डर लगेगा। 

2. मुर्शिदाबाद में गौ तस्करी कोई नई घटना नहीं है। सीमा पार से गायों की तस्करी हमेशा से होती रही है। सीपीएम के जिला सचिव जमीर मुल्ला ने कहा कि गौ तस्करी में सिर्फ नेता ही शामिल नहीं हैं, जिले में पिछले पांच साल से गायों की तस्करी चल रही है। इस पर तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस के अलावा सीबीआई और बीएसएफ को भी नजर रखनी होगी। पढ़िए 

3. सीबीआई हिरासत में लेने के बाद गुरुवार(11 अगस्त) की दोपहर करीब 3.30 बजे अनुब्रत मंडल को कोलकाता ले जाया गया। तृणमूल के बीरभूम जिलाध्यक्ष को निजाम पैलेस स्थित CBI के जोनल आफिस ले जाया गया। सड़क पर कार के पास आने तक मंडल थोड़ा थके हुए लग रहे थे।

4. अनुब्रत मंडल बोलपुर स्थित घर से कोलकाता तक साढ़े 7 घंटे की लंबी यात्रा के दौरान गाड़ी में अपने बगल में बैठे सीबीआई अधिकारी से कभी-कभार बात करते दिखे। निज़ाम पैलेस में उतरते समय पत्रकारों के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। 

5. सीबीआई शाम करीब साढ़े सात बजे आसनसोल में स्पेशल कोर्ट में पेशी के बाद अनुब्रत मंडल को हिरासत में लेकर एक कार से कोलकाता के लिए रवाना हुई। करीब साढ़े सात घंटे के भारी ट्रैफिक के बीच अनुब्रत को लेकर कार कोलकाता के निजाम पैलेस पहुंची, तो देर रात हो गई थी। सीबीआई की गाड़ी रास्ते में 50 मिनट तक ट्रैफिक में फंसी रही।

6. कोलकाता जाते समय हुगली के धनेखली में रात करीब साढ़े 11 बजे सीबीआई की गाड़ी ट्रैफिक में फंस गई। ट्रैफिक में फंसने के दौरान पत्रकार उनसे अनुब्रता की गिरफ्तारी के बारे में सवाल पूछते रहे। अनुब्रत उन सभी सवालों का जवाब दिए बिना सीधे आगे की ओर देख रहा था। कभी-कभी वह तौलिये से अपना चेहरा पोंछता रहा, पानी पीता रहा और जम्हाई लेता रहा। कभी कार की सीट पर अपना सिर रख लेता। पत्रकारों को कार की खिड़की से भागते हुए लगातार सवाल सुनकर एक बार वो तो हंस भी पड़ा।

7. CBI से लंबी लुकाछुपी के बावजूद अनुब्रत मंडल खुद को बचा नहीं सके। सीबीआई ने गुरुवार सुबह सात बजे बोलपुर स्थित उनके घर को घेर लिया था। उनके बॉडीगार्ड ने गिरफ्तारी से जुड़े कागजात पर हस्ताक्षर किए। गिरफ्तारी के बाद अनुब्रत मंडल की आंखों में आंसू दिखाई दिए।

8. गौ तस्करी के मामले में अनुब्रत मंडल के बॉडीगार्ड सहगल हुसैन की गिरफ्तारी के बाद मुर्शिदाबाद के कई नेताओं का नाम सामने  आया है। अब अनुब्रत मंडल की गिरफ्तारी के बाद मुर्शिदाबाद के कई तृणमूल नेताओं को लेकर अफवाह और तेज हो गई है।

9. मुर्शिदाबाद के तृणमूल नेता रानीनगर के विधायक सौमिक हुसैन सफाई देते हैं कि उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद गौ तस्करी पर लगाम लगी है। तृणमूल के दक्षिणी संगठनात्मक जिला अध्यक्ष मुर्शिदाबाद के सांसद अबू ताहिर खान आरोप लगाते हैं कि 'बीजेपी सीबीआई, ईडी को मकसद से इस्तेमाल कर रही है।

10. केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने गौ तस्करी के लिए बदनाम TMC लीडर अनुब्रत मंडल(Anubrata Mondal) को छापामार कार्रवाई के बाद अरेस्ट किया है। मंडल को 10 बार नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। CBI की टीम तीन दिनों से कोलकाता में डेरा डाले बैठी थी।

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पवन वर्मा ने ममता बनर्जी का साथ छोड़ा

इस बीच एक नये राजनीतिक घटनाक्रम में शुक्रवार को TMC के राष्ट्रीय महासचिव पवन के वर्मा ने पद से इस्तीफा दे दिया।  वर्मा ने ममता बनर्जी को भेजे पत्र में लिखा, 'मेरा इस्तीफा स्वीकार करें। मैं आपके स्नेह और शिष्टाचार के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं आपके संपर्क में रहने के लिए तत्पर हूं। सभी को शुभकामनाएं।' बता दें कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी पवन वर्मा पिछले साल ही तृणमूल कांग्रेस में शाामिल हुए थे। इससे पहले वे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सलाहकार थे। पवन वर्मा जून 2014 से जुलाई 2016 तक राज्यसभा सदस्य, जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे। वर्मा ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का समर्थन करने के जदूय के फैसले के विरोध में इस्तीफा दिया था।

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