
कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West bengal) में राज्यपाल वर्सेज मुख्यमंत्री जंग जारी है। कुछ दिन पहले राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ट्विटर हैंडल पर लिखा था- पश्चिम बंगाल में कानून का राज नहीं है। इसके जवाब में ममता बनर्जी ने उन्हें ट्विटर पर ब्लॉक कर दिया था। इसके बाद सीएम ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने बुधवार को फिर राज्यपाल जगदीप धनखड़ (Governor Jagdeep Dhankhar) पर टिप्पणी की। ममता ने कहा कि वे एक पार्षद का चुनाव नहीं जीते हैं और मुझे निर्देश देते हैं। उन्होंने राज्यपाल की तुलना घोड़े से की। शाम को राज्यपाल ने ममता बनर्जी पर पलटवार करते हुए कहा कि बंगाल में कानून का राज नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है, उससे मैं चिंतित हूं। यह राज्य किस दिशा में जा रहा है। बता दें कि हाल ममता बनर्जी और राज्यपाल के बीच तकरार चरम पर पहुंच गई है। ममता ने राज्यपाल को अपने ट्विटर अकाउंट पर ब्लॉक कर दिया है।
क्या कहा ममता ने
बुधवार को राज्यपाल धनखड़ का बिना नाम लिए ममता ने कहा - ‘घोड़ों का एक झुंड बंगाल भेजा गया है। मैंने गणतंत्र दिवस पर घोड़ों में से एक देखा। वह दिन-रात मेरा अपमान करता है। वह बंगाल में केवल दुष्कर्म और हत्याएं होते हुए देख सकता है। क्या आप उत्तर प्रदेश में ऐसा होते नहीं देख सकते हैं? वह चाहते हैं कि मैं उनको सब कुछ बताऊं और उनके निर्देशों का पालन करूं। उन्होंने पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव को तलब किया है। मुख्यमंत्री को दरकिनार नहीं किया जा सकता है।
कानून के अनुसाार शासन नहीं हुआ तो कदम उठाऊंगा
राज्यपाल ने कहा कि ममता बनर्जी ने संविधान के अनुसार काम करने की शपथ ली है। मैं उनसे सवाल करता हूं कि ऐसा क्या मैंने लिखा है कि जो संविधान के अनुसार नहीं है। गलत भाषा का इस्तेमाल किया है। मैं बंगाल में निवेश चाहता हूं, लेकिन निवेश तभी आएगा, जब कानून का शासन हो। चुनाव के बाद हिंसा की शर्मनाक घटना घटी है। इस मामले में मानवाधिकार आयोग ने जांच की थी। राज्यपाल ने कहा - यहां कानून का राज नहीं है। फोन टैपिंग का आरोप लगाया जा रहा है। वर्तमान सरकार के कारण राज्य के लोग केवल वॉट्सऐप पर कॉल करते हैं। यह प्रजातंत्र के लिए ठीक नहीं है। बंगाल में कानून के अनुसार शासन नहीं हुआ तो मैं कदम उठाऊंगा।
क्या वित्तीय अनियमितता है जो सूचना नहीं दी जा रही
राज्यपाल ने कहा- मुझे गालियों से डर नहीं लगता है। लेकिन जिस तरह से प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए गणतंत्र दिवस पर मुझे रिसीव नहीं किया गया, यह देश में कभी नहीं हुआ। आज उनकी प्रतिक्रिया पर अचंभित हूं। कोलकाता पुलिस के घोड़ा से तुलना की है। मेरी टेबल पर कोई फाइल पेंडिंग नहीं है। ढाई साल से आप संवैधानिक नियम के अनुसार 167 के तहत राज्यपाल को सूचना नहीं दी गई है। वित्तीय अनियमितता है। क्यों सूचना नहीं जा रही है। देश में सूचना पाने का अधिकार है, लेकिन आप राज्यपाल को इनकार कर रही हैं। ताज बंगाल को लेकर झूठ बोल रही हैं। प्रजातंत्र में केवल बहस और बातचीत ही चलती है।
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