
नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के मुंडका (Mundka Fire Incident) मेट्रो स्टेशन के पास शुक्रवार को एक 4 मंजिला इमारत में आग लग गई थी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और इस हादसे में अब तक 27 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं 29 लोग अब भी लापता हैं। आखिर क्या लापरवाही बरती गई, जिससे ये भीषण हादसा हुआ, इसकी जांच चल रही है। हालांकि, शुरुआती जांच में पता चला है कि हादसे का कारण शॉर्ट सर्किट है, जिसकी वजह से आग लगी। हादसे के वक्त बिल्डिंग में 100-150 लोग मौजूद थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस 4 मंजिला बिल्डिंग की पहली मंजिल पर CCTV बनाने की फैक्ट्री और गोदाम था, जिसे नियमों का उल्लंघन करते हुए चलाया जा रहा था। इसी मंजिल पर शॉर्ट सर्किट होने की वजह से आग लगी, जिसने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी बिल्डिंग आग की लपटों में घिर गई। इस बिल्डिंग में घुसने और यहां से बाहर निकलने के लिए सिर्फ एक ही मेन दरवाजा था, जिसके चलते अफरातफरी में लोग समय रहते अपनी जान नहीं बचा पाए।
जान बचाने शीशा तोड़ बिल्डिंग से कूदी महिलाएं :
दिल्ली फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के मुताबिक, बिल्डिंग में फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम नहीं थे। इस बिल्डिंग को दमकल विभाग की तरफ से NOC भी नहीं मिली थी। बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर में जिस कंपनी का गोदाम था, वहां ज्यादातर महिला कर्मचारी काम करती थीं। आग लगने के बाद कई महिलाएं बिल्डिंग का शीशा तोड़कर ऊपर से कूदीं, क्योंकि बाहर निकलने के लिए सिर्फ एक ही दरवाजा था। बता दें कि बिल्डिंग का मालिक मनीष लाकड़ा आग लगने के बाद से ही फरार है। मनीष की गिरफ्तारी के बाद मुंडका में हुए इस भीषण अग्निकांड से जुड़े कुछ बड़े खुलासे हो सकते हैं।
30 तक हो सकती है मृतकों की संख्या :
मुंडका हादसे (Mundka Fire Incident) को लेकर दिल्ली फायर सर्विसेज के डायरेक्टर अतुल गर्ग ने बताया- हमने कुल 30 फायर टेंडर को भेजा और काम में 125 लोगों को लगाया। करीब साढ़े पांच घंटे की मशक्कत के बाद रात 11 बजे आग पर काबू पा लिया गया। हमें रात तक 27 शव मिले, कुछ शवों के हिस्से सुबह मिले हैं, जिससे लगता है कि 2-3 शव और होंगे। कुल मृतकों की संख्या 29-30 तक हो सकती है।
दिल्ली के सीएम ने की मुआवजे की घोषणा :
शनिवार को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल घटनास्थल पर पहुंचे। उनके साथ उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी हैं। सीएम केजरीवाल ने मृतकों 10-10 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया है। साथ ही इस पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने के आदेश भी दिए हैं। इससे पहले पीएमओ ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50,000 रुपए देने की घोषणा की थी।
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