
वर्ल्ड डेस्क। सिंगापुर में जन्मे भारतीय मूल के अर्थशास्त्री थर्मन शनमुगरत्नम हाल ही में सिंगापुर के नौवें राष्ट्रपति बने हैं। उन्हें चुनाव में शानदार जीत मिली। 1 सितंबर को हुए मतदान में स्थानीय नागरिकों द्वारा 2.48 मिलियन वोट डाले गए थे। इनमें से 70.4 प्रतिशत वोट शनमुगरत्नम को मिले। चीन की मुख्य भूमि से आए लोगों ने शनमुगरत्नम को वोट दिया।
राष्ट्रपति बनने से पहले थर्मन ने कई प्रमुख पदों पर काम किया। वह 2019 से 2023 तक वरिष्ठ मंत्री, 2015 से 2023 तक सामाजिक नीतियों के समन्वय मंत्री और 2011 से 2023 तक सिंगापुर के मौद्रिक प्राधिकरण के अध्यक्ष शामिल थे। उन्होंने मई 2011 से मई 2019 तक उपप्रधानमंत्री के रूप में भी काम किया था। इसके अवाला थर्मन इकोनॉमिक्स ऑफ वाटर पर ग्लोबल कमिशन के सह-अध्यक्ष थे। इस कमिशन में न्गोजी ओवोन्जो-इवेला, मारियाना माज़ुकाटो और जोहान रॉकस्ट्रॉम जैसी हस्तियां हैं।
2011 के बाद सिंगापुर में हुआ पहला राष्ट्रपति चुनाव
राष्ट्रपति चुनाव में थर्मन का मुकाबला चीनी मूल के एनजी कोक सॉन्ग और टैन किन लियान से हुआ। एनजी कोक सॉन्ग को 15.72 और टैन किन लियान को 13.88 प्रतिशत वोट मिले। सिंगापुर में 2011 के बाद पहला राष्ट्रपति चुनाव हुआ था। पूर्व राष्ट्रपति हलीमा याकूब ने 13 सितंबर को अपना कार्यकाल पूरा किया। राष्ट्रपति में राष्ट्रपति का कार्यकाल छह साल का है।
थर्मन विश्व आर्थिक मंच के न्यासी बोर्ड के सदस्य भी हैं। वह प्रभावी बहुपक्षवाद पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव के उच्च-स्तरीय सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं। यह बोर्ड संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन 2024 के लिए सिफारिशें दे रहा है।
चार बच्चों के पिता हैं थर्मन
थर्मन की पत्नी का नाम जेन युमिको इटोगी है। उनके चार बच्चे हैं। जेन चीनी-जापानी मूल की वकील हैं। वह सामाजिक उद्यम और गैर-लाभकारी कला क्षेत्र में सक्रिय हैं। थर्मन की सबसे बड़ी बेटी माया सामाजिक उद्यमी और वकील हैं। थर्मन का बेटा आकाश सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वहीं, कृष्ण और अर्जुन अर्थशास्त्र, राजनीति, संगीत और कला में रुचि रखने वाले छात्र हैं।
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