
Who is Umar Khalid: उमर खलिद एक बार फिर सुर्खियों में हैं। बता दें कि देश में जब भी छात्र राजनीति, एक्टिविज्म और विवादों की चर्चा होती है, तब जेएनयू (जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी) के पूर्व छात्र उमर खालिद का नाम सामने आता है। हाल ही में 2020 दिल्ली दंगों की साजिश मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें और कई अन्य आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया। अब उनके पास सिर्फ सुप्रीम कोर्ट जाने का रास्ता बचा है। लेकिन सवाल उठता है कि आखिर उमर खालिद कौन हैं और वे चर्चा में क्यों हैं?
दिल्ली में पैदा हुए उमर खालिद के पिता स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) से जुड़े रहे हैं और बाद में वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बने। उमर ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बैचलर की पढ़ाई की और इसके बाद जेएनयू पहुंचे। यहां उन्होंने मास्टर्स, एम फिल और पीएचडी तक की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के साथ-साथ उनकी दिलचस्पी हमेशा एक्टिविज्म और स्टूडेंट पॉलिटिक्स में रही।
उमर खालिद 2016 में उस वक्त चर्चा में आए जब जेएनयू में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी के खिलाफ कथित कार्यक्रम हुआ। इसी दौरान उन पर और कन्हैया कुमार समेत कई छात्रों पर देशद्रोह का केस दर्ज किया गया। आरोप था कि कार्यक्रम में भारत विरोधी नारे लगे। इस घटना के बाद खालिद कुछ दिनों तक गायब रहे और बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। हालांकि, उन्हें जमानत भी मिल गई।
2016 के बाद से उमर खालिद अक्सर खबरों में रहे। उन्होंने कई बार केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधे निशाना साधा। साल 2018 में भीमा-कोरेगांव हिंसा से जुड़ी एक एफआईआर में भी उनका नाम सामने आया। आरोप था कि उन्होंने अपने भाषण से दो समुदायों के बीच तनाव फैलाया। इसी साल अगस्त में जब वे दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पहुंचे, तो उन पर हमला भी हुआ, लेकिन वे बाल-बाल बच गए।
फरवरी 2020 में CAA (नागरिकता संशोधन कानून) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा भड़क गई थी। इसमें 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई और सैकड़ों घायल हुए। पुलिस का आरोप है कि उमर खालिद इस हिंसा की साजिश का हिस्सा थे। एफआईआर में दावा किया गया कि उन्होंने कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिए और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान नागरिकों से सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने की बात कही ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब हो।
उमर खालिद करीब पिछले 5 सालों से जेल में बंद हैं। उनकी जमानत याचिका दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। अब उन्हें सुप्रीम कोर्ट से ही उम्मीद है। उमर खालिद की कहानी एक ऐसे छात्र की है जो पढ़ाई में जितना आगे बढ़ा, उतना ही एक्टिविज्म और विवादों में भी उलझता चला गया। कभी छात्र नेता के तौर पर चर्चित हुए, लेकिन अब गंभीर आरोपों की वजह से जेल में हैं।
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