
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाया। चीफ जस्टिस एस ए बोबडे की बेंच ने कृषि कानूनों के अमल पर अगले आदेश तक रोक लगा दी। इसके अलावा कोर्ट ने मुद्दे को हल करने के लिए चार सदस्यों की कमेटी भी बनाई है। अब ऐसे में सवाल है कि क्या सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पिछले डेढ़ महीने से चला आ रहा किसान आंदोलन खत्म हो जाएगा। या गणतंत्र दिवस पर किसानों की ओर राजपथ तक निकाले जाने वाले ट्रैक्टर मार्च का क्या होगा...आईए जानते हैं इनके जवाब
सवाल-1: आंदोलन जारी रहेगा या नहीं ?
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि जबतक कानून वापसी नहीं होगा, तबतक किसानों की घर वापसी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि हम अपनी बात रखेंगे, जो दिक्कत हैं सब बता देंगे। हालांकि, किसानों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बैठक बुलाई है। इसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। यानी फैसले के तुरंत बाद किसानों का आंदोलन खत्म नहीं होगा।
लेकिन सुनवाई के दौरान भारतीय किसान यूनियन के वकील ने एपी सिंह ने कहा, वे बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों को वापस भेजने को तैयार हैं। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा, हम रिकॉर्ड में लेकर इस बात की तारीफ करना चाहते हैं।
सवाल- 2: 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च निकलेगा या नहीं ?
किसानों ने कहा था कि 26 जनवरी को वे ट्रैक्टर परेड निकालेंगे। तब दिल्ली की सड़कों पर वे 2 हजार ट्रैक्टर दौड़ाएंगे। दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाकर कहा है कि प्रदर्शन का अधिकार होने के ये मायने नहीं हैं कि दुनियाभर के सामने भारत की छवि खराब की जाए। इस पर भी सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने की उम्मीद है।
सवाल 3- अब 15 जनवरी को सरकार और किसान के बीच बातचीत होगी या नहीं ?
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि सभी किसान नेता 15 जनवरी को सरकार के साथ 10वें दौर की बातचीत में हिस्सा लेंगे।
सवाल - 4: क्या अब पुराना नियम किसानों के अनाज पर लागू होगा ?
सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक नए कृषि कानूनों के अमल पर रोक लगाई है। ऐसे में अगले आदेश तक नए कानूनों के नियम लागू नहीं होंगे।
सवाल- 5 : किसान सुप्रीम कोर्ट के आदेश से संतुष्ट हैं या नहीं ?
किसान कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कानूनों की कॉन्स्टिट्यूशनल वैलिडिटी यानी संवैधानिक वैधता पर कुछ नहीं कहा। ऐसे में भारतीय किसान यूनियन के नेता बिंदर सिंह गोलेवाला ने कहा, हम सुप्रीम कोर्ट से विनती करना चाहेंगे कि कानूनों पर रोक नहीं बल्कि कोर्ट को कानूनों को रद्द करने का फैसला करना चाहिए क्योंकि डेढ़ महीना हो गया है सरकार इस पर कुछ नहीं सोच रही है।
सवाल- 6 : अब आगे क्या?
सुप्रीम कोर्ट ने चार सदस्यों की कमेटी बनाई है। यह कमेटी किसानों से बातचीत करेगी। ऐसे में सरकार और किसा अपना पक्ष रखेंगे। कमेटी कोई फैसला या आदेश नहीं देगी। वह सिर्फ सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। सुप्रीम कोर्ट ने अभी इसके लिए समयसीमा भी तय नहीं की है।
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