सरकार का कांग्रेस पर वार, इमरजेंसी में एक कुर्सी बचाने के लिए 36 सांसदों को जेल में रखा गया

Published : Nov 20, 2019, 12:25 PM ISTUpdated : Nov 20, 2019, 02:28 PM IST
सरकार का कांग्रेस पर वार, इमरजेंसी में एक कुर्सी बचाने के लिए 36 सांसदों को जेल में रखा गया

सार

संसद के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन बुधवार को राज्यसभा में गांधी परिवार से एसपीजी सुरक्षा वापस लेने का मुद्दा उठा। राज्यसभा सांसद आनंद शर्मा ने कहा, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को कांग्रेस की अगुआई वाली यूपीए सरकार में भी एसपीजी सुरक्षा मिली थी।

नई दिल्ली. राज्यसभा में बुधवार को जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा हुई। सरकार की ओर से गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने जवाब दिया। अमित शाह ने कहा कि कश्मीर में स्थिति सामान्य हो रही है। इंटरनेट और मोबाइल सेवा शुरू करने के सवाल पर अमित शाह ने कहा, 'इंटरनेट को जल्दी चालू करना चाहिए, इस बात से मैं सहमत हूं, लेकिन जब देश की सुरक्षा का सवाल है तो प्राथमिकता तय करनी पड़ती है। जब प्रशासन को सही लगेगा तो इसपर विचार करेंगे।'

उधर, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने फारूख अब्दुल्ला की गिरफ्तारी को लेकर जवाब दिया। रेड्डी ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समय समय पर कदम उठाए जाते हैं। इमरजेंसी के वक्त 1 व्यक्ति की कुर्सी बचाने के लिए 36 सांसदों को जेल में रखा गया। जबकि हम कानून और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए काम कर रहे हैं। 

'सिर्फ 609 जेल में बंद'
रेड्डी ने बताया कि कश्मीर में केवल 609 लोगों को जेल में रखा गया है। बाकी सभी को रिहा कर दिया गया। 5 अगस्त के बाद सुरक्षा कारणों के चलते 5161 लोग गिरफ्तार हुए थे। इनमें पत्थरबाज, अलगाववादी और राजनेता भी शामिल हैं। 

'स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं की कोई दिक्कत नहीं'
मेडिकल सुविधाएं प्रभावित होने के सवाल पर अमित शाह ने कहा, ''जम्मू-कश्मीर में दवाई की पर्याप्त उपलब्धता है, अस्पतालों में काफी संख्या में लोग ओपीडी में आ रहे हैं। कहीं भी स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं में कोई दिक्कत नहीं है।''

'3.5 महीने से इंटरनेट सेवा क्यों बंद है?'
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि आजकल बच्चे इंटरनेट का इस्तेमाल पढ़ाई के लिए करते हैं। हम भी मुख्यमंत्री रहे, पड़ोसी देश 1947 से है, लेकिन कभी इतने लंबे वक्त तक इंटरनेट बंद नहीं रहा। इस पर अमित शाह ने कहा कि देश में 1996-1997 में देश में मोबाइल सेवा शुरू हुई थी। लेकिन कश्मीर में भाजपा की सरकार आने के बाद 2003 में इंटरनेट सेवा शुरू हुई। आप भी सुरक्षा कारणों से मोबाइल सेवा शुरू नहीं कर पाए। 

सवाल: कश्मीर के हालत कब तक सामान्य होंगे?
अमित शाह ने जवाब दिया, 'वहां स्थिति सामान्य हो चुकी है। देश-दुनिया में कई तरह की भ्रांतियां इस बारे में फैली हुई है। राज्य में 5 अगस्त के बाद पुलिस फायरिंग की वजह एक भी व्यक्ति की जान नहीं गई है। पत्थरबाजी की घटनाओं में पिछले साल के मुकाबले कमी आई है। सभी स्कूल खुले है। परीक्षा अच्छे तरीके से ली जा रही है। सभी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र खुले हैं। दुकानें सुबह खुलती हैं, दोपहर में बंद रहती हैं। शाम को फिर खुल जाती हैं। 

गांधी परिवार की सुरक्षा का भी उठा मुद्दा
इससे पहले राज्यसभा में गांधी परिवार से एसपीजी सुरक्षा वापस लेने का मुद्दा उठा। राज्यसभा सांसद आनंद शर्मा ने कहा, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को कांग्रेस की अगुआई वाली यूपीए सरकार में भी एसपीजी सुरक्षा मिली थी। उन्होंने गांधी परिवार और मनमोहन सिंह की सुरक्षा पहले जैसी ही बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि 

'गांधी परिवार ने दो प्रधानमंत्री को खोया'
आनंद शर्मा ने कहा, 'पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की SPG सुरक्षा वापस ले ली गई। मनमोहन सिंह 10 वर्षों तक पीएम रहे, वहीं, सोनिया गांधी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की बहु और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पत्नी हैं। हमें नहीं भूलना चाहिए इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या हुई। सरकार को गांधी परिवार की सुरक्षा सुनिच्छित करनी चाहिए। 

नड्डा ने दिया जवाब
उधर, राज्यसभा सांसद जेपी नड्डा ने सरकार की तरफ से कांग्रेस का जवाब दिया। नड्डा ने कहा, इसमें कुछ भी राजनीतिक नहीं है। किसी से सुरक्षा वापस नहीं ली गई। ये फैसला सुरक्षा समीक्षा के बाद ही लिया गया।

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