
बेंगलुरू. कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि यदि स्थिति की मांग रही तो यूपी के योगी मॉडल को कर्नाटक में भी लागू किया जाएगा। सरकार देश विरोधी और सांप्रदायिक तत्वों से निपटने के लिए दक्षिणी राज्य में भी योगी मॉडल लागू कर सकती है। यानी यहां भी सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए बुलडोजर गरज सकता है।
एक साल पूरा हुआ कार्यकाल
गुरुवार को अपने कार्यकाल के एक वर्ष पूरा होने पर मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यूपी के लिए योगी आदित्यनाथ सही मुख्यमंत्री हैं। कर्नाटक में ऐसे हालात से निबटने के लिए अलग-अलग तरीके इस्तेमाल किए जा रहे हैं। लेकिन यदि डिमांड हुई तो यहां भी योगी मॉडल लागू करने में देरी नहीं की जाएगी। दरअसल, भाजपा और संघ परिवार समर्थकों का एक वर्ग राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार हिंदू कार्यकर्ताओं की सुरक्षा नहीं कर पा रही है। इसलिए यहां भी योगी मॉडल लागू किया जाना चाहिए।
बीजेपी युवा मोर्चा सदस्य की हत्या
दक्षिण कन्नड़ में बीजेपी युवा मोर्चा के एक सदस्य की हत्या के बाद योगी मॉडल लागू करने की मांग बढ़ गई है। जिला भाजपा युवा मोर्चा समिति के सदस्य प्रवीण नेत्तर की मंगलवार की रात तटीय जिले के बेल्लारे में उनकी ब्रायलर की दुकान के सामने बाइक सवार तीन लोगों ने काटकर हत्या कर दी। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए जाते हैं। माफिया तत्वों की संपत्ति पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। जिससे लोगों में डर पैदा हो गया है।
सीएम बोम्मई ने क्या कहा
कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई ने कहा कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। कुल पांच टीमों का गठन किया गया है और टीमों को केरल भेजा गया है। सभी अधिकारी काम कर रहे हैं और हमें विश्वास है कि दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। उन्हें दंडित किया जाएगा। जैसा कि इस साल की शुरुआत में शिवमोग्गा में हर्षा हत्याकांड में हुआ था। सीएम ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में कोई समझौता नहीं होगा।
सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ एक्शन
सीएम बोम्मई ने कहा कि सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की कोशिश जारी है। इसे बिगाड़ने वाली ताकतों को खत्म करने की चुनौतियां हैं और यह चुनौती देश भर के राज्यों में मौजूद है। इस तरह की ताकतों ने पिछले 10 वर्षों में कर्नाटक में भी अपना सिर उठाया है। उनकी गतिविधियां राज्य में 2014-15 में शुरू हुईं और अब तक जारी हैं। हमारे पुलिस अधिकारी स्लीपर सेल की पहचान कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी सरकार के अच्छे कामों पर इस तरह के साम्प्रदायिक मुद्दों का असर पड़ा है। सीएम ने कहा कि हाल के दिनों में सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील मुद्दों और चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निबटा गया है।
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