
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केवल उन्हीं लोगों को भारत का नागरिक और मतदाता मानना चाहता है जो बीजेपी के सदस्य हैं। उन्होंने विशेष गहन संशोधन (SIR) और मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने के मामलों का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदार्शिता खत्म हो चुकी है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है।