
अरिहा शाह, एक भारतीय बच्ची जिसका दुख शायद कोई ही समझ सकता हो। यह दुख जिसे वह महीनों या यू कहें सालों से वह अकेले ही झेल रही है। वह 40 माह से जर्मनी में फॉस्टर केयर में है। बच्ची के मुद्दे पर उसकी मौसी किंजल शाह ने कहा कि '4.5 साल पहले, अरिहा को जर्मनी में फॉस्टर केयर में ले लिया गया था क्योंकि जर्मन चाइल्ड सर्विसेज़ को कुछ गलतफहमी हो गई थी, जिसकी वजह से उन्होंने उसके माता-पिता पर कुछ आरोप लगाए थे। हालांकि, अब उनकी अपनी कोर्ट ने माता-पिता को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। आज माता-पिता पर कोई आरोप नहीं है। इसके बावजूद बच्ची उनसे जुदा है।'