'20 cr. मुसलमानों की घर वापसी कराओगे', मोहन भागवत पर क्यों भड़के अरशद मदनी?

Published : Feb 19, 2026, 09:52 AM IST
Maulana Arshad Madani

सार

RSS प्रमुख मोहन भागवत के 'घर वापसी' वाले बयान की जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने चिंता जताई है कि ऐसे बयान देश में नफरत फैलाते हैं और संविधान के मूल्यों को नुकसान पहुंचाते हैं। 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के 'घर वापसी' वाले बयान पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने तीखी नाराजगी जताई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ऐसी बातें देश में नफरत फैलाती हैं और संवैधानिक मूल्यों के लिए खतरा पैदा करती हैं। बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए मदनी ने कहा कि '20 करोड़ मुसलमानों की घर वापसी कराई जाएगी' जैसी बातें पिछले 70 सालों में नहीं सुनी गईं। उन्होंने कहा कि यह एक बहुत ही चिंताजनक बात है।

'हिंसा के माहौल' पर मदनी ने क्या कहा

उन्होंने लिखा, 'जो भी आवाज देश को विनाश, अशांति और आपसी नफरत की ओर ले जाती है, वह देशभक्ति की आवाज नहीं हो सकती।'

मदनी ने आरोप लगाया कि देश में 'हत्या और हिंसा का माहौल' बन गया है। उन्होंने गो-रक्षा के नाम पर हो रही हत्याओं और मॉब लिंचिंग का जिक्र किया। उन्होंने शिकायत की कि इन सब घटनाओं के बावजूद सरकार चुप है, लेकिन कुछ लोग यह तर्क दे रहे हैं कि भारत में सिर्फ एक खास विचारधारा को मानने वालों को ही जीने का हक है।

मदनी ने किसी व्यक्ति या संगठन का नाम लिए बिना कहा कि ऐसी मानसिकता भारतीय संविधान का 'खुला उल्लंघन' है। यह देश की एकता, अखंडता और शांति के लिए एक बड़ा खतरा है। उन्होंने दोहराया कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद संगठन हमेशा से सांप्रदायिक और नफरत फैलाने वाली विचारधाराओं का विरोध करता आया है और आगे भी करता रहेगा।

उन्होंने कहा, "मुसलमान अपने विश्वास पर जी रहे हैं और आगे भी जीते रहेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि भारत में शांति और सद्भाव केवल एक धर्मनिरपेक्ष संविधान के दायरे में ही संभव है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि धर्म के नाम पर होने वाली किसी भी हिंसा को सही नहीं ठहराया जा सकता। सभी धर्म मानवता, सहिष्णुता, प्रेम और एकता सिखाते हैं। इसलिए, जो लोग धर्म का इस्तेमाल करके नफरत और हिंसा फैलाते हैं, वे अपने धर्म के सच्चे अनुयायी नहीं हो सकते। उन्होंने लिखा कि हमें ऐसे लोगों की हर स्तर पर निंदा और विरोध करना चाहिए।

भागवत का 'घर वापसी' का आह्वान

मदनी का यह बयान मोहन भागवत के लखनऊ के सरस्वती शिशु मंदिर में हुए एक सामाजिक सद्भाव कार्यक्रम में बोलने के एक दिन बाद आया है। उस बैठक में भागवत ने हिंदू समाज में और ज्यादा एकता का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि हालांकि किसी को 'कोई खतरा नहीं' है, फिर भी हिंदुओं को 'सतर्क रहना चाहिए'। एक मीडिया विज्ञप्ति के अनुसार, भागवत ने 'घर वापसी' की प्रक्रिया को तेज करने और हिंदू धर्म में लौटने वालों की देखभाल करने का आह्वान किया था। (ANI)

(इस खबर की हेडलाइन को छोड़कर, बाकी हिस्से को एशियानेट न्यूजे द्वारा संपादित नहीं किया गया है और इसे सिंडिकेटेड फ़ीड से प्रकाशित किया गया है।)

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

Udaipur Destination Wedding: शानदार शादियों के लिए हर काेई लेक सिटी ही क्यों चुनता है?
'वंदे मातरम ना थोपो', शशि थरूर ने गृह मंत्रालय को और क्या लिखा...