जेल में HIV कैसे फैला? 226 मामलों के बाद सरकार करेगी जांच, सामने आएगी संक्रमण की वजह!

Bimla Kumari   | CMS
Published : Aug 31, 2026, 03:18 PM IST
Assam Hiv Jails 226 Inmates

सार

Assam की 31 जेलों में अप्रैल-जुलाई के बीच 226 कैदी HIV-पॉजिटिव पाए गए, करीब 95% मामले इंजेक्टिंग ड्रग उपयोग से जुड़े। 202 कैदी ART पर हैं। Sribhumi District Jail में 11 मरीज, क्षमता 187 के मुकाबले 445 कैदी। CM Himanta Biswa Sarma ने जांच का आश्वासन दिया; Ashok Singhal ने लगभग 33,000 सक्रिय मरीज बताए।

Assam HIV jails: असम की जेलों में बंदियों के बीच HIV संक्रमण के सामने आए मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अप्रैल से जुलाई के बीच राज्य की 31 जेलों में 226 बंदी HIV पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें करीब 95 फीसदी मामले इंजेक्शन के जरिए नशीली दवाओं के इस्तेमाल से जुड़े बताए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संक्रमण के कारणों और बंदियों तक इलाज की पहुंच की समीक्षा करने की बात कही है।

31 जेलों में 226 बंदी HIV पॉजिटिव

जेलों में की गई व्यापक जांच के दौरान 31 स्थानों से कुल 226 HIV पॉजिटिव मामले सामने आए। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से 202 बंदियों को एंटीरेट्रोवायरल उपचार दिया जा रहा है। सुरक्षा कारणों और बंदियों को जेल से बाहर ले जाने में आने वाली दिक्कतों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें कई जगहों पर जेल के अंदर ही पहुंचकर जांच, उपचार और परामर्श की सुविधा दे रही हैं।

नशीली दवाओं के इस्तेमाल से जुड़े ज्यादातर मामले

अधिकारियों के अनुसार, सामने आए मामलों में करीब 95 फीसदी संक्रमण इंजेक्शन के जरिए नशीली दवाओं के इस्तेमाल से जुड़े बताए गए हैं। इस आंकड़े ने जेलों में नशीली दवाओं के इस्तेमाल और उससे जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को लेकर भी चिंता बढ़ाई है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में समय पर जांच, इलाज और जागरूकता बेहद महत्वपूर्ण होती है।

श्रीभूमि जेल में क्षमता से दोगुने से ज्यादा बंदी

श्रीभूमि जिला जेल में भी HIV पॉजिटिव बंदियों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। इनमें एक महिला बंदी के शामिल होने की भी जानकारी सामने आई है। जेल में फिलहाल करीब 445 बंदी हैं, जबकि इसकी स्वीकृत क्षमता केवल 187 की है। यानी जेल में क्षमता से दोगुने से भी ज्यादा बंदी मौजूद हैं। अधिकारियों के मुताबिक, HIV पॉजिटिव पाए गए ज्यादातर बंदी मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में आरोपी हैं।

जेल में ही पहुंच रही इलाज की सुविधा

बंदियों को नियमित उपचार दिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और संबंधित चिकित्सा टीमें जेलों में पहुंच रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, जिन बंदियों को अतिरिक्त चिकित्सा जांच या विशेषज्ञ उपचार की जरूरत होती है, उन्हें निर्धारित चिकित्सा संस्थानों में भी भेजा जाता है। गंभीर मामलों में बंदियों को सिलचर मेडिकल कॉलेज जैसे बड़े अस्पतालों में उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा- संक्रमण के कारणों की होगी जांच

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि संबंधित बंदी को जेल में रहने के दौरान संक्रमण किन परिस्थितियों में हुआ। सरकार का जोर कारणों की जांच के साथ प्रभावित लोगों को जरूरी चिकित्सा सहायता और उपचार उपलब्ध कराने पर है।

असम में करीब 33 हजार सक्रिय HIV मरीज

स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल के मुताबिक, असम में करीब 33,000 सक्रिय HIV/AIDS मरीज हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जांच का दायरा और तेज किया जाए तो यह संख्या और बढ़ सकती है। उनका कहना है कि HIV से प्रभावित लोगों को इलाज के साथ करुणा और सहयोग की जरूरत है।

जागरूकता और जांच पर सरकार का जोर

जेलों में सामने आए मामलों ने नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर उपचार और जागरूकता की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है। सरकार का कहना है कि प्रभावित बंदियों को इलाज उपलब्ध कराने के साथ संक्रमण के कारणों की पड़ताल भी की जाएगी। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों की नजर में HIV को लेकर जागरूकता बढ़ाना और सामाजिक भेदभाव कम करना भी इस चुनौती से निपटने का अहम हिस्सा है।

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