
बेंगलुरु की एक महिला का जापान ट्रिप का अनुभव सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। अमीषा अग्रवाल नाम की यह महिला हाल ही में जापान की दो हफ़्तों की यात्रा पर गई थीं। वहां से लौटकर उन्होंने लोगों के बर्ताव और सिविक सेंस को लेकर अपना अनुभव शेयर किया। अमीषा ने X पर अपनी पोस्ट में बताया कि उनके लिए सबसे हैरान करने वाली बात जापान की टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि वहां के लोगों का रोज़मर्रा का अनुशासन था।
अग्रवाल ने बताया कि अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने रोज़मर्रा की ज़िंदगी में लोगों के बीच कमाल का सिविक सेंस देखा। उनके मुताबिक, वहां कोई बेवजह हॉर्न नहीं बजा रहा था, न कोई धक्का-मुक्की कर रहा था और न ही कहीं गंदगी दिख रही थी। इसके अलावा, ट्रेनें भी एकदम सही समय पर आ-जा रही थीं। उन्होंने समझाया कि इस अनुभव ने उन्हें सिखाया कि विकास का मतलब सिर्फ GDP के आंकड़े नहीं, बल्कि लोगों का व्यवहार भी होता है।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा: “जापान में दो हफ्ते बिताए और सबसे बड़ा कल्चर शॉक टेक्नोलॉजी नहीं थी। यह बेसिक सिविक सेंस था। कोई हॉर्न नहीं, कोई धक्का-मुक्की नहीं, कोई कचरा नहीं, ट्रेनें मिनट-टू-मिनट टाइम पर। पता चला कि विकास ज्यादातर व्यवहार है, जीडीपी नहीं।”
उनकी इस पोस्ट ने पब्लिक डिसिप्लिन और नागरिक कर्तव्य को लेकर एक ऑनलाइन बहस छेड़ दी है। एक यूजर ने कहा, "जापान की काबिलियत सिर्फ सिस्टम की वजह से नहीं है, बल्कि इसलिए है क्योंकि वहां के लोग हर दिन अनुशासन को चुनते हैं।"
एक अन्य यूजर ने लिखा: "जापान दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है, जो अपनी तहज़ीब और सांस्कृतिक पहचान को बड़ी खूबसूरती से सहेजे हुए है।"
एक यूजर ने कमेंट किया, "मुझे जापान की यह बात बहुत अच्छी लगती है कि जब वहां कोई प्राकृतिक आपदा आती है, जिसके नतीजे विनाशकारी होते हैं, तब भी प्रशासन बहुत तेजी से काम करता है और सब कुछ सुपर फास्ट तरीके से ठीक कर देता है।"
कई अन्य लोगों ने इस मौके का इस्तेमाल अपने देश की नागरिक आदतों पर सोचने के लिए किया। एक यूजर ने लिखा, "एकदम सच, भारत में ज़्यादातर पढ़े-लिखे लोग ही ज़्यादातर जगहों पर बेसिक सिविक सेंस भूल जाते हैं और इसी वजह से अक्सर समस्याएं होती हैं।" एक अन्य यूजर ने इस नज़रिए की तारीफ़ करते हुए जवाब दिया, "क्या शानदार बात कही है।"
यह पोस्ट बेंगलुरु की महिला द्वारा शेयर की गई थी।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।