
Big Crunch: अगर एक दिन ऐसा आए जब न पृथ्वी बचे, न सूरज और न ही आज का विशाल ब्रह्मांड... तो उसका अंत कैसा होगा? वैज्ञानिकों के एक नए अध्ययन में ब्रह्मांड के संभावित भविष्य को लेकर एक बेहद दिलचस्प मॉडल सामने आया है। इसके मुताबिक, मौजूदा विस्तार के बाद ब्रह्मांड एक समय फिर सिकुड़ना शुरू कर सकता है और अंततः ‘बिग क्रंच’ की स्थिति तक पहुंच सकता है।
यह अध्ययन Cornell University, Shanghai Jiao Tong University और अन्य संस्थानों के शोधकर्ताओं के मॉडल पर आधारित है। हालांकि, वैज्ञानिकों ने इसे निश्चित भविष्यवाणी नहीं, बल्कि एक संभावित सैद्धांतिक परिदृश्य बताया है।
अध्ययन के मॉडल के मुताबिक, ब्रह्मांड अपनी कुल अनुमानित आयु के करीब 33.3 अरब साल के आसपास ‘बिग क्रंच’ की दिशा में बढ़ सकता है। मौजूदा वैज्ञानिक अनुमान के अनुसार ब्रह्मांड की उम्र करीब 13.8 अरब साल है। इस हिसाब से इस संभावित अंतिम अवस्था तक लगभग 20 अरब साल का समय बचता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ब्रह्मांड का अंत निश्चित रूप से इसी समय होगा। यह गणना एक खास मॉडल और उसकी मान्यताओं पर आधारित है।
वर्तमान में ब्रह्मांड के लगातार फैलने के प्रमाण मिलते हैं। लेकिन नए मॉडल में संभावना जताई गई है कि भविष्य में यह विस्तार हमेशा तेज नहीं रहेगा। किसी चरण पर विस्तार धीमा पड़ सकता है, ब्रह्मांड अपने अधिकतम आकार तक पहुंच सकता है और इसके बाद संकुचन शुरू हो सकता है।
इसे एक खिंचे हुए रबर बैंड की तरह समझ सकते हैं। बैंड को खींचने के बाद अगर वह वापस सिकुड़ने लगे, तो कुछ इसी तरह ब्रह्मांड के विस्तार के बाद संकुचन की कल्पना की गई है। इसी अंतिम संकुचन को वैज्ञानिक भाषा में Big Crunch कहा जाता है।
इस मॉडल में सबसे अहम भूमिका डार्क एनर्जी की मानी गई है। इसे ब्रह्मांड के त्वरित विस्तार से जोड़कर देखा जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार अगर डार्क एनर्जी की प्रकृति समय के साथ बदलती है, तो ब्रह्मांड का विस्तार भी लंबे समय तक एक जैसा नहीं रह सकता।
अध्ययन के मॉडल के मुताबिक, संकुचन शुरू होने से पहले ब्रह्मांड अपने मौजूदा आकार से लगभग 69 प्रतिशत तक और बड़ा हो सकता है। इसके बाद विस्तार रुकने और उलटी दिशा में जाने की संभावना बन सकती है।
अगर यह मॉडल सही साबित होता है, तो ‘बिग क्रंच’ से बहुत पहले ही पृथ्वी और मौजूदा सौर व्यवस्था की स्थिति बदल चुकी होगी। लगभग 20 अरब साल का यह समय मानव सभ्यता की कल्पना से भी कहीं आगे का है।
वैज्ञानिक अनुमान के मुताबिक, सूरज का वर्तमान जीवनकाल सीमित है और वह अरबों साल बाद अपने मौजूदा रूप में नहीं रहेगा। वहीं, हमारी आकाशगंगा मिल्की वे और एंड्रोमेडा के भविष्य में आपस में विलय होने की संभावना भी जताई जाती है।
इसलिए अगर कभी ब्रह्मांड वास्तव में बिग क्रंच की ओर बढ़ता है, तो उस समय तक आज की पृथ्वी, सूरज और आकाशगंगाओं का स्वरूप वैसा नहीं होगा जैसा हम आज जानते हैं।
फिलहाल इसका निश्चित जवाब वैज्ञानिकों के पास नहीं है। ब्रह्मांड का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि डार्क एनर्जी वास्तव में क्या है और समय के साथ उसका व्यवहार कैसे बदलता है।
यही वजह है कि बिग क्रंच को अभी संभावित भविष्य का एक मॉडल माना जाना चाहिए, अंतिम सत्य नहीं। ब्रह्मांड हमेशा फैलता रहेगा, किसी दूसरी अवस्था में पहुंचेगा या एक दिन फिर सिकुड़ जाएगा- यह आधुनिक विज्ञान के सबसे बड़े अनसुलझे सवालों में से एक बना हुआ है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।