दो डकैतियां, एक जैसा डरावना पैटर्न: बिहार में 'बाल कटवा' गैंग का फैला डर, पुलिस के भी उड़े होश

Published : Jul 19, 2026, 03:19 PM IST
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सार

बिहार के दरभंगा में 'बाल कटवा' गैंग की खौफनाक दस्तक! दो डकैतियां और एक जैसा डरावना पैटर्न। लूट के बाद आखिर क्यों महिलाओं के बाल काट रहे हैं बेखौफ बदमाश? जानिए इस खौफनाक मर्डर जैसे पैटर्न का पूरा सच।

दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले का एक शांत सा गांव इन दिनों खौफ और दहशत के साए में जी रहा है। इलाके में एक ऐसा गैंग सक्रिय हुआ है, जिसकी बर्बरता और अजीब तौर-तरीकों ने न सिर्फ आम जनता की नींद उड़ा दी है, बल्कि पुलिस महकमे को भी हैरान कर दिया है। यहां एक के बाद एक दो ऐसी डकैतियां हुईं, जिन्होंने बरसों पुराने 'बाल कटवा' के खौफनाक साए को एक बार फिर जिंदा कर दिया है। इन दोनों ही घटनाओं में बदमाशों ने न केवल लाखों की लूट को अंजाम दिया, बल्कि भागने से पहले घर की महिलाओं के बाल काट दिए। इस अजीब और डरावने पैटर्न के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

सन्नाटे को चीरती टीवी की आवाज और वो पहली खौफनाक रात

यह खूनी और रहस्यमयी खेल 8 जुलाई को शुरू हुआ, जब बहादुरपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले इस गांव में पांच अज्ञात नकाबपोश बदमाश डॉ. पवन कुमार मिश्रा के घर में जबरन घुस गए। बदमाशों के इरादे सिर्फ चोरी के नहीं थे, बल्कि वे एक सोची-समझी क्रूर रणनीति के साथ आए थे। घर में दाखिल होते ही उन्होंने डॉ. मिश्रा की 22 वर्षीय बहू करिश्मा देवी को बंधक बना लिया। विरोध करने पर बदमाशों ने करिश्मा पर हमला किया, उनके हाथ-पैर बांध दिए और फिर एक खौफनाक कदम उठाते हुए उनकी पीठ में कोई अज्ञात इंजेक्शन लगा दिया ताकि वह बेहोश हो जाएं। इसके बाद जो हुआ, वह किसी थ्रिलर फिल्म के सीन जैसा था। बदमाशों ने घर के अंदर अलमारियां तोड़ने और छानबीन करने की आवाज को छिपाने के लिए टीवी की वॉल्यूम को बेहद तेज कर दिया। इस सन्नाटे और शोर के बीच, वे दो अलमारियों के ताले तोड़कर 35,000 रुपये नकद और करीब 5 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात समेट कर रफूचक्कर हो गए। लेकिन जाने से पहले वे एक ऐसा खौफनाक निशान छोड़ गए जिसने सबको दहला दिया-उन्होंने बेहोश करिश्मा के बाल काट दिए थे।

ठीक एक हफ्ते बाद दोबारा दस्तक: सोती हुई लड़की और वही खौफनाक अंजाम

बहादुरपुर पुलिस अभी पहली वारदात की कड़ियां जोड़ ही रही थी कि ठीक एक हफ्ते बाद इसी गांव में एक और वारदात ने पुलिस के दावों की धज्जियां उड़ा दीं। इस बार बदमाशों का निशाना बने स्थानीय शिक्षक सुमन कुमार चौधरी का घर। अपराधी उसी शातिर अंदाज में घर के अंदर दाखिल हुए। घर के लोग बेखबर सो रहे थे। बदमाशों ने पूरे घर को खंगाला और कीमती सामान चोरी कर लिया। लेकिन इस डकैती में भी सबसे हैरान और परेशान करने वाली बात वही रही। घर से कीमती सामान समेटने के बाद, बदमाशों ने वहां सो रही एक मासूम लड़की के बाल काट दिए और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। सुबह जब परिवार की आंख खुली, तो बिखरा हुआ सामान और लड़की के कटे हुए बाल देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

अंधविश्वास या गहरी साजिश? जांच में जुटी फोरेंसिक और टेक्निकल टीमें

एक ही गांव में, एक ही हफ्ते के भीतर, दो अलग-अलग घरों में एक ही पैटर्न पर हुई इन डकैतियों ने बहादुरपुर पुलिस स्टेशन इलाके में तथाकथित "बाल कटवा" गैंग की अफवाहों और डर को चरम पर पहुंचा दिया है। लोग अब रात-रात भर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। इस रहस्यमयी और डरावने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अलर्ट पर है। जांच को आगे बढ़ाने के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) और टेक्निकल सेल की टीमों को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया है। एक्सपर्ट्स की टीमें फिंगरप्रिंट्स, सीसीटीवी फुटेज और उस केमिकल/इंजेक्शन के नमूनों की जांच कर रही हैं, जिसका इस्तेमाल महिला को बेहोश करने के लिए किया गया था।

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल: आखिर बाल काटने के पीछे की वजह क्या है?

स्थानीय लोग इस बात से सबसे ज्यादा परेशान हैं कि आखिर कोई डकैत चोरी करने के बाद महिलाओं के बाल क्यों काटेगा? क्या यह पुलिस को गुमराह करने और मामले को अंधविश्वास का रूप देने की कोई चाल है? या फिर इस गैंग के पीछे कोई साइकोपैथ अपराधी है? फिलहाल पुलिस इन सभी पहलुओं पर गहन जांच कर रही है और ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रही है। लेकिन जब तक अपराधी सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाते, तब तक इस गांव की रातें खौफ के साए में ही गुजरने वाली हैं।

क्या फिर लौट आया है 'बाल कटवा' का डर?

इन दोनों घटनाओं के बाद इलाके में कथित 'बाल कटवा गैंग' को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पिछले कुछ वर्षों में बिहार और उत्तर भारत के कई हिस्सों में 'बाल कटवा' जैसी अफवाहें और घटनाएं चर्चा का विषय रही थीं। हालांकि, इन मामलों के पीछे की सच्चाई कई बार अलग-अलग निकली थी। फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह जांच का विषय है कि बाल काटना किसी मनोवैज्ञानिक डर फैलाने की कोशिश थी, अपराधियों की पहचान छिपाने की रणनीति थी या इसके पीछे कोई और वजह थी।

गांव में दहशत, लोग रातभर जागकर कर रहे पहरा

लगातार दो समान घटनाओं के बाद गांव के लोगों में भय का माहौल है। कई परिवार रात में बारी-बारी से जागकर पहरा दे रहे हैं। महिलाओं और बच्चों में खासा डर देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने पुलिस से रात में गश्त बढ़ाने और जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने की मांग की है। फिलहाल यह मामला केवल डकैती का नहीं, बल्कि एक ऐसी रहस्यमयी वारदात का बन गया है जिसने पूरे इलाके में असुरक्षा और भय का माहौल पैदा कर दिया है। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है कि आखिर 'बाल काटने' के इस अजीब पैटर्न के पीछे का सच क्या है।

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