
श्राद्ध कर्म केवल पुरुषों तक ही सीमित नहीं है। परिस्थितियों के आधार पर धर्मग्रंथ महिलाओं को भी पिंडदाल का अधिकार देते हैं। हालांकि इसको लेकर जानकारों की राय अलग-अलग हो सकती है। संप्रदाय, पारिवारिक परंपसाओं के अनुसार इसकी विधि भी अलग हो सकती है। लेकिन गरुण पुराण में इसको लेकर क्या कहा गया है आइए इस वीडियो के माध्यम से जानते हैं-