Chandigarh Weather: अगस्त में 13% बारिश की कमी, सितंबर में भी क्यों नहीं मिल रही राहत?

Bimla Kumari   | CMS
Published : Sep 02, 2026, 10:58 AM IST
barish up

सार

Chandigarh में अगस्त महीने में 13% बारिश की कमी दर्ज हुई और सितंबर की तस्वीर भी फिलहाल बेहतर नहीं दिख रही। शुरुआती दिनों में व्यापक तेज वर्षा के संकेत सीमित हैं, जिससे उमस और जल-आपूर्ति प्रबंधन पर दबाव बना रह सकता है।

चंडीगढ़: चंडीगढ़ में इस बार मानसून का सबसे सक्रिय माना जाने वाला अगस्त महीना उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं दे पाया। महीने के अंत तक शहर में सामान्य से करीब 13 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई। बारिश की कमी के साथ अब सितंबर की शुरुआत भी कुछ खास राहत देती नजर नहीं आ रही है।

अगस्त में आमतौर पर मानसून सक्रिय रहता है और महीने की बारिश कुल मानसूनी आंकड़े को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है। लेकिन इस बार बारिश का वितरण असमान रहा। कुछ दिनों में बौछारें हुईं, जबकि उनके बीच लंबे समय तक मौसम शुष्क रहा। नतीजतन, तेज बारिश के कुछ दौर भी महीने की कुल कमी को पूरी तरह दूर नहीं कर सके।

अगस्त में 13% बारिश की कमी का क्या मतलब?

अगस्त के अंत में 13 फीसदी बारिश की कमी बताती है कि शहर में मानसून की रफ्तार सामान्य से पीछे रही। छिटपुट बारिश से तापमान और उमस में थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन कुल वर्षा के आंकड़े में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हो सकी।

आमतौर पर एक मजबूत बारिश प्रणाली कुछ ही दिनों में बारिश की कमी को काफी हद तक कम कर सकती है। हालांकि, अगस्त के आखिरी हिस्से तक ऐसी व्यापक और लगातार बारिश देखने को नहीं मिली, जिससे यह अंतर तेजी से कम हो सके।

सितंबर की शुरुआत में भी राहत का इंतजार

सितंबर की शुरुआत में भी चंडीगढ़ के लिए लगातार और व्यापक बारिश का कोई मजबूत पैटर्न फिलहाल नजर नहीं आ रहा है। आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं, लेकिन इनसे अगस्त की कमी की तुरंत भरपाई होने की संभावना सीमित है।

ऐसे में सितंबर के शुरुआती दिनों में शहर का बारिश का ग्राफ धीमी गति से आगे बढ़ने की आशंका है। अगर महीने के दौरान कोई सक्रिय मौसम प्रणाली बनती है और लगातार अच्छी बारिश होती है, तभी मौजूदा कमी को तेजी से कम किया जा सकता है।

बारिश कम होने से उमस बढ़ने की संभावना

मानसून की कमजोर गतिविधि का असर सिर्फ बारिश के आंकड़ों तक सीमित नहीं रहता। बारिश के बीच लंबे शुष्क अंतराल और वातावरण में नमी बने रहने से चंडीगढ़ में उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।

बारिश की कमी के बीच मौसम में गर्मी और उमस का मिश्रण दैनिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है। वहीं, जल-आपूर्ति और स्थानीय स्तर पर पानी की मांग पर भी नजर रखना जरूरी होगा, खासकर अगर आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला कमजोर रहता है।

अब मानसून की चाल पर रहेगी नजर

सितंबर में चंडीगढ़ की बारिश का आंकड़ा आगे किस दिशा में जाता है, यह हवाओं की दिशा, नमी की उपलब्धता और सक्रिय वर्षा प्रणालियों पर निर्भर करेगा। यदि महीने के मध्य तक कोई मजबूत मौसम प्रणाली विकसित होती है, तो बारिश की रफ्तार बढ़ सकती है।

फिलहाल, अगस्त की 13 फीसदी कमी के बाद सितंबर से उम्मीदें जरूर हैं, लेकिन तत्काल बड़े सुधार के संकेत मजबूत नहीं हैं। ऐसे में चंडीगढ़ को मानसून की अगली सक्रिय प्रणाली का इंतजार करना पड़ सकता है।

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