CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका को किन शर्तों पर मिली रिहाई? जंतर-मंतर प्रोटेस्ट को लेकर करना पड़ा ये वादा

Published : Oct 22, 2026, 02:08 PM IST
Saurav Das Ashutosh Ranka Court Undertaking

सार

Saurav Das Ashutosh Ranka Court Undertaking: CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका को किन शर्तों पर रिहाई मिली? दोनों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर कोर्ट में क्या वादा किया? जानिए डिटेल।

CJP Saurav Das Ashutosh Ranka Release Conditions: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर Cockroach Janata Party (CJP) के कार्यकर्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने अदालत में ऐसा क्या आश्वासन दिया, जिसके बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ? दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट ने दोनों को शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया है। इसके लिए दोनों को लिखित अंडरटेकिंग देने के साथ 50-50 हजार रुपये के निजी और जमानती बॉन्ड भरने पड़े। कोर्ट ने साफ किया कि फिलहाल हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है, लेकिन मामले की कार्यवाही जारी रहेगी। जानिए सौरव दास और आशुतोष रांका ने कोर्ट में क्या वादा किया?

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर क्या कहा?

21 अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान सौरव दास और आशुतोष रांका ने अदालत को लिखित आश्वासन दिया कि वे शांति भंग नहीं करेंगे। दोनों ने यह भी कहा कि जब तक जंतर-मंतर को अधिसूचना के जरिए प्रदर्शन के लिए फिर से अनुमति नहीं मिलती, तब तक वहां विरोध प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में होने वाला कोई भी प्रदर्शन कानून और संविधान के दायरे में रहकर किया जाएगा। अदालत ने दोनों के इस आश्वासन को रिहाई के फैसले में अहम माना।

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कोर्ट ने रिहाई के लिए क्या शर्तें रखीं?

SEM रितु राज ने दोनों को 50-50 हजार रुपये के निजी बॉन्ड और जमानती बॉन्ड भरने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि मौजूदा हालात में लिखित आश्वासन और शांति बनाए रखने का बॉन्ड पर्याप्त है। इसलिए इस स्तर पर आगे न्यायिक हिरासत जरूरी नहीं है। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि दोनों हर सुनवाई पर पेश हों, कानून-व्यवस्था बनाए रखें और अपने वादे की शर्तों का पालन करें। जमानतदारों के दस्तावेजों का सत्यापन कर जांच अधिकारी को अगली सुनवाई पर रिपोर्ट भी देनी होगी।

दिल्ली पुलिस ने रिहाई का विरोध क्यों किया?

सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने दोनों की न्यायिक हिरासत तीन दिन बढ़ाने की मांग की। पुलिस का कहना था कि उनके हालिया बयानों और व्यवहार को देखते हुए शांति भंग होने की आशंका बनी हुई है। पुलिस ने अदालत में दिए गए आश्वासन और मीडिया में आए बयानों के बीच अंतर होने की बात भी उठाई। वहीं, बचाव पक्ष ने अदालत में बिना शर्त माफी मांगी और भरोसा दिया कि ऐसा व्यवहार दोबारा नहीं होगा।

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अब आगे क्या होगा?

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे तय की है। दोनों को उस दिन अदालत में पेश होना होगा। फिलहाल उन्हें राहत मिली है, लेकिन जांच और कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी।

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
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