
Delhi Satya Niketan Building Collapsed: रविवार को दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक 5 मंजिला इमारत गिरने से कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू कर दी। एक चश्मदीद ने हादसे के बाद के भयानक मंजर के बारे में बताया। उसके मुताबिक, जिस इमारत को लोग 'हॉस्टल डेज' के नाम से जानते हैं, वह पांच मंजिला थी और उसमें लड़कों के लिए पेइंग गेस्ट यानी PG चलता था।
चश्मदीद ने बताया कि 'हॉस्टल डेज' के ठीक बगल में मौजूद एक और इमारत भी गिर गई। उसके मुताबिक, दोनों इमारतों के गिरने से कई छात्र मलबे में दब गए। चश्मदीद ने समाचार एजेंसी ANI से कहा कि गिरी हुई इमारत का नाम 'हॉस्टल डेज' था। यह खास तौर पर लड़कों के लिए PG के तौर पर इस्तेमाल होती थी और पांच मंजिला थी। इसके ठीक बगल वाली इमारत भी गिर गई।
#WATCH | Delhi: On the building collapse near Satya Niketan in South-West Delhi, an eyewitness says, "The building that collapsed is called 'Hostel Daze'. Right next to it is another building that collapsed. 'Hostel Daze' is a dedicated boys' PG; it was a five-story building. The… pic.twitter.com/fGmK1WOrgq
— ANI (@ANI) September 6, 2026
चश्मदीद के अनुसार, हादसे के समय जो छात्र अपने कमरों के अंदर थे, उनके मलबे में दबे होने की आशंका है। हालांकि, अभी यह पता नहीं चल पाया है कि कुल कितने लोग इमारत के अंदर मौजूद थे। चश्मदीद ने बताया कि मलबे में दबे लोगों की सही संख्या का पता हॉस्टल के रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड की जांच के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को खोजने में जुटे हैं।
इमारत गिरने की सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंच गए। दिल्ली फायर सर्विस ने राहत और बचाव अभियान के लिए आठ फायर टेंडर तैनात किए। इसके अलावा अलग-अलग विभागों की कई बचाव टीमों को भी मौके पर भेजा गया। चश्मदीद ने बताया कि फायर ब्रिगेड और अन्य बचाव दल इमारत गिरने के करीब 15 से 20 मिनट के भीतर ही लोगों को बाहर निकालने की कोशिश में जुट गए थे। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान शुरू से ही लगातार चल रहा है।
चश्मदीद के मुताबिक, हादसे में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकालना बचावकर्मियों के लिए काफी मुश्किल हो रहा है। उन्होंने बताया कि कई छात्र गंभीर हालत में हैं और बचावकर्मी काफी मुश्किल से उन्हें मलबे से बाहर निकाल रहे हैं। हादसे के बाद पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के इलाके की घेराबंदी कर दी, ताकि बचाव अभियान में किसी तरह की परेशानी न हो। वहीं, आपातकालीन कर्मचारियों ने मलबे में तलाशी अभियान शुरू किया। उनका मुख्य फोकस मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालना है।
हादसे के बाद स्थानीय लोग और चश्मदीद भी राहत और बचाव कार्य में शामिल हो गए। लोगों ने अपने हाथों और मौके पर उपलब्ध दूसरे उपकरणों की मदद से मलबा हटाने और उसमें दबे लोगों को खोजने की कोशिश की। स्थानीय लोगों की मदद से भी बचाव दल को मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने में सहायता मिली।
दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, कुछ लोगों को मलबे से बाहर निकालकर इलाज के लिए आसपास के अस्पतालों में भेजा गया है। हालांकि, हादसे के तुरंत बाद मलबे में दबे लोगों, सुरक्षित निकाले गए लोगों या घायलों की कुल संख्या को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। फिलहाल बचाव अभियान जारी है और मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।