दिल्ली से सिलीगुड़ी सिर्फ़ 6 घंटे में? अश्विनी वैष्णव का बंगाल के लिए बुलेट ट्रेन का ऐलान

Published : Jun 06, 2026, 02:20 PM IST
delhi siliguri bullet train ashwini vaishnaw west bengal railway metro upgrade india news

सार

क्या दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन (Bullet Train India) सच में 6 घंटे में सफर कराएगी? क्या यह नया कॉरिडोर भारत के रेलवे नेटवर्क को पूरी तरह बदल देगा? कोलकाता में 60 मेट्रो रेक और फ्रेट कॉरिडोर का असली असर क्या होगा? क्या फंडिंग और राजनीतिक विवाद इन प्रोजेक्ट्स में रुकावट बनेंगे?

कोलकाता/नई दिल्ली: भारतीय रेलवे के इतिहास में एक ऐसा नया अध्याय जुड़ने जा रहा है, जिसने पूरे उत्तर और पूर्वी भारत के यात्रियों के होश उड़ा दिए हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के लिए एक ऐसे मेगा प्रोजेक्ट की घोषणा की, जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की थी। अब देश की राजधानी दिल्ली से सिलीगुड़ी (न्यू जलपाईगुड़ी) का सफ़र दिनों या घंटों का नहीं, बल्कि पलक झपकते ही पूरा होने वाला है। रेल मंत्री के इस बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के एलान के बाद से ही सियासी और सामाजिक गलियारों में हलचल तेज़ हो गई है।

 

 

6 घंटे का जादुई सफ़र: लखनऊ, वाराणसी और पटना के रास्ते बुलेट ट्रेन

इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे रोमांचक और चौंकाने वाला पहलू इसकी रफ़्तार और रूट है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साफ़ किया कि यह प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर केवल दिल्ली और सिलीगुड़ी को ही नहीं जोड़ेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश और बिहार के सबसे प्रमुख शहरों को भी अपने साथ समेटेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का बड़ा बयान: "पश्चिम बंगाल में बहुत जल्द बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट दस्तक देने जा रहा है। यह हाई-स्पीड कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होकर लखनऊ, वाराणसी और पटना के रास्ते सीधे सिलीगुड़ी तक पहुंचेगा। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरी बुलेट ट्रेन से यह लंबी यात्रा केवल छह घंटे में पूरी हो जाएगी।" इस रूट के सामने आने के बाद से उन करोड़ों यात्रियों में भारी उत्साह है, जिन्हें दिल्ली से बिहार या बंगाल जाने के लिए ट्रेनों में 15 से 24 घंटे का समय बिताना पड़ता था।

 

 

4,000 करोड़ से सीधे 14,205 करोड़: रेलवे फंडिंग में भारी बढ़ोतरी का दावा

रेल मंत्री ने केवल नई ट्रेन का एलान ही नहीं किया, बल्कि आंकड़ों की ऐसी बाजीगरी पेश की जिसने विरोधियों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने यूपीए (UPA) सरकार और मौजूदा नरेंद्र मोदी सरकार के बजट की तुलना करते हुए रेलवे फंड में हुई भारी बढ़ोतरी का खुलासा किया।

वैष्णव ने बताया कि जहां पिछली यूपीए सरकार के समय पश्चिम बंगाल को रेलवे के विकास के लिए केवल ₹4,000 करोड़ मिलते थे, वहीं आज पीएम मोदी के नेतृत्व में यह बजट लगभग साढ़े तीन गुना बढ़कर ₹14,205 करोड़ हो चुका है। हालांकि, इस भारी-भरकम फंड के बावजूद काम की धीमी रफ़्तार के पीछे के सस्पेंस से भी उन्होंने पर्दा उठाया। मंत्री ने पिछली राज्य सरकार पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि कई महत्वपूर्ण रेलवे प्रोजेक्ट सिर्फ़ इसलिए लटके रहे क्योंकि राज्य सरकार ने ज़रूरी प्रशासनिक मंजूरियां नहीं दीं, जिसके कारण कुछ मामले तो अदालत तक भी पहुंच गए।

 

 

कोलकाता मेट्रो का कायाकल्प: 5 साल में आएंगी 60 नई पीढ़ी की मेट्रो रेक

बुलेट ट्रेन के अलावा रेल मंत्री ने कोलकाता मेट्रो को लेकर भी एक बड़ा सरप्राइज दिया। उन्होंने पिछली विपक्षी सरकारों के 42 साल के काम की तुलना मोदी सरकार के पिछले कुछ वर्षों के काम से की। वैष्णव के मुताबिक, जहां विपक्ष के 42 वर्षों के शासन में केवल 28 किलोमीटर मेट्रो लाइन का काम पूरा हुआ था, वहीं मोदी सरकार के तहत अकेले कोलकाता में 45 किलोमीटर नई मेट्रो लाइन का काम रिकॉर्ड समय में पूरा हो चुका है। सस्पेंस को और आगे बढ़ाते हुए उन्होंने घोषणा की कि आने वाले पांच वर्षों के भीतर कोलकाता मेट्रो के नेटवर्क में 60 नई पीढ़ी की अल्ट्रा-मॉडर्न मेट्रो रेक (ट्रेन के डिब्बे) शामिल की जाएंगी, जो शहर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को पूरी तरह बदल देंगी।

 

 

'सूरत से डंकुनी' तक नया चक्रव्यूह: विधायकों से सीधे मांगे गए सीक्रेट सुझाव

रेलवे के इस नए मास्टरप्लान में न केवल यात्रियों बल्कि माल ढुलाई (Freight) के लिए भी एक गुप्त कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है। ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के जरिए अब सीधे पश्चिम बंगाल का डंकुनी, गुजरात के सूरत शहर से जुड़ जाएगा, जिससे व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे।

इस विशालकाय विकास कार्य को ज़मीन पर उतारने के लिए रेल मंत्रालय ने एक अनोखी रणनीति अपनाई है। रेल मंत्री ने बताया कि राज्य के सभी विधायकों से सीधे फोन पर संपर्क साधा गया है। उनसे उनके अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों की ज़रूरी और अटकी हुई रेलवे परियोजनाओं के बारे में सीधे सुझाव और फीडबैक मांगा गया है। रेलवे का विद्युतीकरण (Electrification) पहले ही पूरा हो चुका है, और अब देखना यह है कि यह 'बुलेट रफ़्तार' योजना बंगाल और उत्तर भारत की राजनीति और इंफ्रास्ट्रक्चर को किस नए मुकाम पर लेकर जाती है।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

Corporate Jihad पर Maulana Sajid Rashidi का धमाकेदार बयान, Judiciary तक पर उठ गए सवाल- WATCH
Viral Video: फोरलेन सड़क से झरने की तरह बहा पानी, बिहार के सारण का वीडियो देख उठे बड़े सवाल