अमेरिका में RSS की एंट्री! 'फ्रेंड्स ऑफ आरएसएस' ने कराया विदेशी एजेंट के तौर पर रजिस्ट्रेशन

Published : Oct 30, 2026, 08:50 AM IST
Friends of RSS FARA Registration

सार

FARA registration RSS: अमेरिका में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के विचारों का प्रचार-प्रसार करने के लिए 'फ्रेंड्स ऑफ आरएसएस' नाम के संगठन ने अमेरिकी न्याय विभाग में पंजीकरण कराया है। इस संगठन ने दिल्ली स्थित आरएसएस मुख्यालय 'केशव कुंज' को अपना फॉरेन प्रिंसिपल बनाया है। इसका मुख्य उद्देश्य सूचनाओं का आदान-प्रदान और जनसंपर्क बढ़ाना है।

Friends of RSS FARA Registration: कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी आरएसएस के पंजीकरण की मांग लगातार उठा रही है। इसी बीच अमेरिका में संघ के समर्थकों ने 'फ्रेंड्स ऑफ आरएसएस' नाम से एक संगठन का रजिस्ट्रेशन कराया है। अमेरिकी न्याय विभाग के तहत यह पंजीकरण फॉरेन एजेंट के रूप में हुआ है। संगठन का मुख्य मकसद अमेरिका में संघ की विचारधारा को फैलाना और लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना है।

दिल्ली का 'केशव कुंज' बना फॉरेन प्रिंसिपल

'फ्रेंड्स ऑफ आरएसएस' ने 27 अगस्त को अमेरिका के फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट (FARA) के तहत रजिस्ट्रेशन कराया है। जॉर्जिया का पता देने वाले इस संगठन ने दिल्ली में आरएसएस के मुख्यालय 'केशव कुंज' को अपना फॉरेन प्रिंसिपल (विदेशी संस्था) घोषित किया है। संगठन के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में राजेंद्र सोनारीकर, जयंत पंत और देवानंद गद्दम के नाम शामिल हैं।

गौर करने वाली बात यह है कि यह रजिस्ट्रेशन 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित संघ प्रमुख मोहन भागवत के 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' कार्यक्रम से ठीक दो दिन पहले पूरा हुआ था।

कोई लिखित समझौता नहीं

पंजीकरण के संबंध में स्थिति साफ करते हुए संगठन ने कहा है कि आरएसएस के साथ उसका कोई लिखित अनुबंध, रोजगार, पीआर या परामर्श समझौता नहीं हुआ है। हालांकि, संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि लिखित दस्तावेज न होने का मतलब यह कतई नहीं है कि आरएसएस के साथ उनका कोई संपर्क, तालमेल या प्रशासनिक सहयोग नहीं है। संस्था ने अपनी सभी गतिविधियों को पूरी तरह पारदर्शी रखने की बात कही है।

संगठन क्या काम करेगा?

संगठन के मुताबिक, उसकी गतिविधियां मुख्य रूप से सूचनाओं के आदान-प्रदान, शिक्षा, जनसंपर्क और सामुदायिक भागीदारी तक सीमित रहेंगी। यह संगठन मीडिया संस्थानों, पत्रकारों, शोधकर्ताओं, शैक्षणिक संस्थाओं, नागरिक समाज संगठनों और जरूरत पड़ने पर सरकारी एजेंसियों के साथ आरएसएस से जुड़े विषयों पर बातचीत करेगा। अमेरिकी विभाग को दिए विवरण में आरएसएस को भारत का एक सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन बताया गया है।

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