Gujarat News: सूरत इकोनॉमिक रीजन में 1185 करोड़ की सड़क परियोजनाएं, विकसित गुजरात@2047 को गति

Published : Mar 08, 2026, 08:44 PM IST
Surat Economic Region road infrastructure development

सार

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने विकसित गुजरात@2047 के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए सूरत इकोनॉमिक रीजन में 1185 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। 383 किमी सड़क अपग्रेडेशन से लॉजिस्टिक्स, उद्योग, कृषि परिवहन, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को नई गति मिलेगी।

गांधीनगर। मुख्यमंत्री Bhupendra Patel ने प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा दिए गए ‘विकसित भारत@2047’ के संकल्प को अमृतकाल में ‘विकसित गुजरात@2047’ के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। राज्य के समग्र और संतुलित विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने गुजरात स्टेट इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (GRIT) का गठन किया है। यह संस्था इन्फ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन, व्यक्तिगत क्षमता और संस्थागत विकास को आधार बनाकर दीर्घकालीन और परिणामोन्मुखी विकास की दिशा में कार्य कर रही है।

GRIT के माध्यम से तैयार हुआ दीर्घकालीन विकास का रोडमैप

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में GRIT ने राज्य के संतुलित और व्यापक विकास के लिए छह प्रमुख ग्रोथ हब विकसित करने की योजना बनाई है। हर क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कम समय में रीजनल इकोनॉमिक मास्टर प्लान तैयार किए गए हैं। इसी योजना के तहत दक्षिण गुजरात के ग्रोथ हब के रूप में Surat Economic Region (SER) को विकसित किया जा रहा है। इस क्षेत्र में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने सबसे पहले 1185 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। यह निर्णय राज्य सरकार के ‘जो कहा, वह किया’ के संकल्प को भी दर्शाता है।

सूरत इकोनॉमिक रीजन: गुजरात की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार

सूरत इकोनॉमिक रीजन (SER) में दक्षिण गुजरात के छह जिले शामिल हैं, जिनमें Surat, Bharuch, Navsari, Valsad, Tapi और Dang शामिल हैं। यह क्षेत्र गुजरात की अर्थव्यवस्था में 35 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है और औद्योगिक विकास के लिहाज से राज्य का एक प्रमुख आर्थिक केंद्र माना जाता है।

विकसित गुजरात@2047 के विजन में SER की अहम भूमिका

भारत के आर्थिक विकास में गुजरात की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसी दृष्टि से मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ‘विकसित गुजरात@2047’ रोडमैप पर कार्य किया जा रहा है। इस रोडमैप का उद्देश्य ‘अर्निंग वेल – लिविंग वेल’ के लक्ष्य को हासिल करना है, ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत बने और लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो। इस लक्ष्य को हासिल करने में सूरत इकोनॉमिक रीजन को दीर्घकालीन आर्थिक विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

1185 करोड़ रुपये से 383 किमी सड़क परियोजनाओं को मंजूरी

SER के विकास के लिए तैयार किए गए इकोनॉमिक मास्टर प्लान के तहत रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अंतर्गत सूरत, तापी, वलसाड, भरूच और नवसारी जिलों में कुल 383 किलोमीटर लंबाई के 24 सड़क परियोजनाओं के लिए 1185 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी, तेज परिवहन और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होने की उम्मीद है।

रोड इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन से बढ़ेगी लॉजिस्टिक क्षमता

सड़क नेटवर्क में सुधार होने से औद्योगिक हब और GIDC क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इससे माल और श्रमिकों की आवाजाही अधिक आसान और तेज हो जाएगी। इसके साथ ही टेक्सटाइल, केमिकल, पेट्रोकेमिकल और डायमंड उद्योग को भी बड़ा लाभ मिलेगा, जिससे औद्योगिक उत्पादन और व्यापार गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

औद्योगिक विस्तार को मिलेगा नया अवसर

इस रोड इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन का लाभ क्षेत्र के कई औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा। फिशरीज, हजीरा पोर्ट, शुगर फैक्ट्री, सुमूल डेयरी, पापड़ उद्योग, माइनिंग और लिग्नाइट प्रोजेक्ट जैसे उद्योगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। इसके अलावा कडोद, कडोदरा, जोलवा, मांगरोल, कोसंबा और तडकेश्वर जैसे प्रमुख GIDC औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे औद्योगिक विस्तार को नई गति मिलेगी।

कृषि उत्पादों के परिवहन में आएगी तेजी

सड़क नेटवर्क बेहतर होने से दक्षिण गुजरात के किसानों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी और परिवहन में लगने वाला समय कम होगा। इससे किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी।

धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

दक्षिण गुजरात में कई महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन स्थल हैं, जिनमें सिद्धनाथ महादेव, शबरीधाम, पांडव गुफा, अंजनिकुंड और संजान की पारसी अगियारी प्रमुख हैं। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से इन स्थलों तक पहुंचना आसान होगा। इसके अलावा Saputara और Wilson Hills जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तथा इको-टूरिज्म क्षेत्रों में भी पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

सूरत इकोनॉमिक रीजन में पहले से ही डायमंड, टेक्सटाइल, पेट्रोकेमिकल और केमिकल उद्योग मजबूत हैं। अब रोड इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होने से सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन और लॉजिस्टिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में भी निवेश और विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और युवाओं को रोजगार के बेहतर विकल्प मिलेंगे।

विकसित गुजरात@2047 के लिए SER बनेगा ग्रोथ इंजन

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सूरत इकोनॉमिक रीजन को ‘विकसित गुजरात@2047’ का स्ट्रैटेजिक ग्रोथ इंजन बनाने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार को उम्मीद है कि 2047 तक 3.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में यह क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और राज्य के GSDP में 35 प्रतिशत से अधिक योगदान देगा। रोड इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन की इस मंजूरी से क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास को नई गति मिलेगी और सूरत इकोनॉमिक रीजन विकास के नए मील के पत्थर स्थापित करेगा।

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