
नई दिल्ली: अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर भारत ने आखिरकार शोक जता दिया है। केंद्र सरकार की तरफ से विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने दिल्ली में ईरानी दूतावास पहुंचकर शोक व्यक्त किया। उन्होंने दूतावास में रखी गई शोक पुस्तिका पर दस्तखत किए और ईरान के राजदूत से मुलाकात भी की। खामेनेई की मौत पर अब तक कोई प्रतिक्रिया न देने के लिए विपक्ष केंद्र सरकार पर तीखे हमले कर रहा था। विपक्ष का कहना था कि सरकार की चुप्पी भारत के लिए शर्मनाक है। इसी आलोचना के बाद भारत ने आधिकारिक तौर पर अपना शोक संदेश भेजा है।
इस बीच, श्रीलंकाई तट पर ईरानी जहाज को डुबोए जाने की घटना पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर हमला और तेज कर दिया है। कांग्रेस ने कहा कि मेहमान को बुलाकर अपमानित किया गया और कुछ न बोलने की भारत की नीति शर्मनाक है। राहुल गांधी ने आलोचना करते हुए कहा कि संघर्ष दरवाजे तक पहुंच गया है, लेकिन प्रधानमंत्री चुप हैं। राहुल ने अपनी प्रतिक्रिया में यह आरोप भी दोहराया कि प्रधानमंत्री ने समझौता कर लिया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी कहा कि प्रधानमंत्री दूसरों की कठपुतली बन गए हैं। अमेरिका के सामने यह सरेंडर देश की गरिमा को खत्म कर रहा है। प्रधानमंत्री इजरायल क्यों गए थे? खामेनेई की मौत पर प्रधानमंत्री ने एक शब्द नहीं बोला। क्या 'एपस्टीन गैंग' से इजाजत मिलने के बाद ही प्रधानमंत्री अपनी चुप्पी तोड़ेंगे?
खेड़ा ने कहा कि मोदी 'एपस्टीन गैंग' की गिरफ्त में हैं। 38 जहाज और बारह हजार नाविक फंसे हुए हैं। प्रधानमंत्री की कार्यशैली में 'वसुधैव कुटुंबकम' का अंश मात्र भी नहीं है। प्रधानमंत्री की चुप्पी आपराधिक है। यह देश की छवि पर लगा एक धब्बा है। बजट सत्र से यह साफ हो गया था कि प्रधानमंत्री दबाव में हैं। मोदी पर 'एपस्टीन फाइल' और गौतम अडानी का दबाव है। पेट्रोलियम मंत्री कहां हैं, किसी को नहीं पता। वे एपस्टीन की गिरफ्त में हैं। केंद्र के मंत्री चुप हैं। मंत्री कहां हैं? विदेश मंत्री मुस्कुरा रहे हैं। एपस्टीन का गैंग तो लोकतंत्र को ही खत्म कर रहा है। सरकार को सिर्फ आवाज उठाने वालों को चुप कराने की जल्दी है। निंदा तक नहीं कर पा रहे हैं। क्या यही नया भारत है?
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।