
Sudivya Kumar Sonu Death: झारखंड से रविवार सुबह दुखद खबर सामने आई। राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू का निधन हो गया। रिपोर्टों के मुताबिक उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई। वे 56 वर्ष के थे। सुदिव्य कुमार सोनू गिरिडीह विधानसभा सीट से विधायक थे और हेमंत सोरेन सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें गिरिडीह के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही झारखंड के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई।
सुदिव्य कुमार सोनू के पास सिर्फ उच्च शिक्षा विभाग ही नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का प्रभार था। वे उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, शहरी विकास एवं आवास, पर्यटन, कला एवं संस्कृति, खेल और युवा कार्य जैसे विभागों से जुड़े थे। ऐसे में उनका अचानक निधन सरकार के सामने इन विभागों के कामकाज की निरंतरता बनाए रखने की चुनौती भी लेकर आया है। झारखंड सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर भी सुदिव्य कुमार को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग का मंत्री और राहुल कुमार पुरवार, IAS को विभाग का प्रधान सचिव बताया गया था।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग राज्य के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, तकनीकी संस्थानों, छात्रवृत्ति योजनाओं और उच्च शिक्षा से जुड़ी नीतियों के संचालन में अहम भूमिका निभाता है। जुलाई 2026 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी विभाग की समीक्षा बैठक में छात्रवृत्ति योजनाओं और उच्च शिक्षा से जुड़ी कई पहलों को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए थे।
मंत्री के अचानक निधन के बाद अब सरकार को विभागीय कामकाज की निरंतरता के लिए आगे की व्यवस्था तय करनी होगी। सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत सरकार किसी अन्य मंत्री को अतिरिक्त प्रभार सौंप सकती है या मंत्रिमंडल में नए सिरे से विभागों का बंटवारा किया जा सकता है।
सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे और गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे। वे 2019 और 2024 में गिरिडीह से विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने थे। दिसंबर 2024 में वे हेमंत सोरेन सरकार में कैबिनेट मंत्री बने थे और इसके बाद उन्हें कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी दी गई।
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से झारखंड सरकार को एक साथ कई विभागों के प्रशासनिक कामकाज को सुचारू रखने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। विभागीय बैठकों, नीतिगत फैसलों, बजट से जुड़े मामलों और पहले से चल रही योजनाओं की निगरानी प्रभावित न हो, इसके लिए जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की उम्मीद है।
फिलहाल उनका निधन झारखंड के राजनीतिक और प्रशासनिक क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। सरकार और राजनीतिक दलों की ओर से उनके निधन पर शोक जताया जा रहा है। आने वाले दिनों में उनके पास रहे विभागों के नए प्रभार को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।