CM शिवकुमार की क्या थी वो 'सीक्रेट डील'? जो बनी आर. रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफे की वजह

Published : Jun 05, 2026, 11:06 AM IST
 karnataka minister ramalinga reddy resignation dk shivakumar portfolio dispute congress

सार

क्या मंत्री पद की शपथ के सिर्फ 2 दिन बाद इस्तीफा देने की असली वजह सिर्फ पोर्टफोलियो विवाद है? क्या डी.के. शिवकुमार ने बेंगलुरु विकास विभाग को लेकर किया था कोई बड़ा वादा और फिर यू-टर्न ले लिया? राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस में उभरा यह संकट? 53 साल पुरानी निष्ठा के बावजूद आर. रामलिंगा रेड्डी ने क्यों कहा-"मुझे बार-बार अपमानित किया गया है"?

बेंगलुरु: कर्नाटक के सियासी गलियारों में एक ऐसा भूचाल आ गया है जिसने पूरी कांग्रेस आलाकमान को सन्न कर दिया है। अभी दो दिन पहले ही नई कैबिनेट ने मुस्कुराते हुए राज्य की कमान संभाली थी, लेकिन शुक्रवार की सुबह होते-होते उस मुस्कान के पीछे छिपा असंतोष एक बड़े राजनीतिक ड्रामे के रूप में सामने आ गया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कद्दावर मंत्री आर. रामलिंगा रेड्डी ने मंत्री पद की शपथ लेने के महज दो दिन बाद ही अपने पद से इस्तीफा देकर पूरी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यह इस्तीफा उस समय आया है जब कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी खुद बेंगलुरु शहर में मौजूद हैं, जिससे इस पूरे घटनाक्रम का सस्पेंस और ज्यादा गहरा गया है।

 

 

ढाई साल पुराना वो 'सीक्रेट' वादा और डी.के. शिवकुमार का 'यू-टर्न'!

आखिर कैबिनेट के इस सबसे अनुभवी चेहरे ने अचानक इतना बड़ा और आत्मघाती कदम क्यों उठाया? इस सस्पेंस की परतें तब खुलीं जब रेड्डी ने सीधे नवनियुक्त मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर एक के बाद एक कई गंभीर आरोप लगाए। रेड्डी का दावा है कि साल 2023 में जब राज्य में सरकार गठन की बातचीत चल रही थी, तब उनके साथ पर्दे के पीछे एक बड़ा और गुप्त समझौता हुआ था। समझौते के तहत वादा किया गया था कि जब ढाई साल बाद डी.के. शिवकुमार मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगे, तो रामलिंगा रेड्डी को सबसे रसूखदार माना जाने वाला 'बेंगलुरु विकास विभाग' सौंपा जाएगा। लेकिन विभाग आवंटन की जो लिस्ट बाहर आई, उसने रेड्डी के पैरों तले जमीन खिसका दी। रेड्डी का आरोप है कि मुख्यमंत्री शिवकुमार ने अपने पुराने आश्वासन से साफ 'यू-टर्न' ले लिया है।

'अब और बर्दाश्त नहीं...': बंद कमरे का अपमान आया सड़कों पर!

विभागीय आवंटन को लेकर कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान अब पूरी तरह से बेनकाब हो चुकी है। मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए रामलिंगा रेड्डी का दर्द और गुस्सा साफ छलक रहा था। उन्होंने बेहद गंभीर और भावुक लहजे में कहा: "मुझे इस सरकार में बार-बार अपमानित किया गया है। मैंने हमेशा पार्टी के हित में काम किया, लेकिन अब यह अपमान मेरी बर्दाश्त के बाहर हो चुका है।

 

 

"मैं नाराज नहीं हूं, बस निराश हूं"

मैं अपनी अंतरात्मा के ख़िलाफ़ जाकर काम नहीं कर सकता।" हालांकि, इस पूरे सियासी ड्रामे में सस्पेंस को बरकरार रखते हुए रेड्डी ने आगे कहा, "मैं नाराज नहीं हूं, बस निराश हूं।" उन्होंने यह भी साफ किया कि वे मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से मिलकर अपना इस्तीफा नहीं सौंपेंगे, बल्कि इसे अपने निजी सचिव के जरिए सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) भिजवाएंगे, जो यह दर्शाता है कि दोनों नेताओं के बीच कड़वाहट कितनी चरम पर पहुंच चुकी है।

53 साल की वफादारी का इम्तिहान: क्या टूटने वाली है 'बेंगलुरु की दीवार'?

इस इस्तीफे ने न केवल मुख्यमंत्री बल्कि पूरी कांग्रेस लीडरशिप के लिए एक बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है। रामलिंगा रेड्डी कोई साधारण नेता नहीं हैं; वे पिछले 53 सालों से कांग्रेस के एक वफादार सिपाही रहे हैं और बेंगलुरु क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।

क्या पार्टी छोड़ेंगे रामालिंगम?

पार्टी छोड़ने की अटकलों पर विराम लगाते हुए रेड्डी ने स्पष्ट किया, "मैं कांग्रेस का विधायक बना रहूंगा और कांग्रेस में ही रहूंगा।" लेकिन राजनीतिक पंडितों का मानना है कि रेड्डी का यह कदम कैबिनेट के अन्य असंतुष्ट मंत्रियों को भी हवा दे सकता है। राहुल गांधी की मौजूदगी में हुए इस विद्रोह ने विपक्ष को भी सरकार पर हमला करने का एक बड़ा मौका दे दिया है। क्या डी.के. शिवकुमार अपने इस 'अच्छे दोस्त' और वरिष्ठ सहयोगी को मना पाएंगे, या फिर कर्नाटक कैबिनेट की यह चिंगारी आने वाले दिनों में किसी बड़े सियासी दावानल का रूप ले लेगी? पूरी देश की नजरें अब बेंगलुरु के अगले घटनाक्रम पर टिकी हैं।

 

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

TMC में बड़ी टूट की आहट! 12 से ज्यादा बागी विधायक बदल सकते हैं अपना फैसला
वायरल ट्रेन स्टोरी: बुज़ुर्ग को फंसाने चले थे लड़के, अंकल ने एक चाल में पलट दिया पूरा खेल