
बेंगलुरु: दक्षिण भारत के सबसे महत्वपूर्ण राज्य कर्नाटक की राजनीति में इस वक्त एक बहुत बड़ा भूचाल आया हुआ है। कई सालों के इंतजार और पर्दे के पीछे चली लंबी खींचतान के बाद आखिरकार राज्य में सत्ता और नेतृत्व का एक ऐतिहासिक हस्तांतरण (Power Transition) होने जा रहा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है, जिसके बाद उनके डिप्टी और संकटमोचक माने जाने वाले डी.के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। इस बड़े बदलाव के बीच अब सबकी नजरें कांग्रेस आलाकमान के उस 'सीक्रेट कैबिनेट फॉर्मूले' पर टिक गई हैं, जिसके जरिए पूरे राज्य के जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की बिसात बिछाई जा रही है।
गुरुवार का दिन कर्नाटक की राजनीति के पन्नों में दर्ज हो गया जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आधिकारिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सिद्धारमैया ने बेहद शांत लहजे में कहा, "आलाकमान ने मुझे दो दिन पहले पद छोड़ने का निर्देश दिया था, और मैंने आज अपना इस्तीफा दे दिया। मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे दो बार कर्नाटक की जनता की सेवा का मौका दिया।"
Bengaluru, Karnataka: On if he wants any ministerial berth or other positions in the new Karnataka government, Congress leader Priyank Kharge says, "I have no demands." pic.twitter.com/opA1HAE9R6
— IANS (@ians_india) May 30, 2026
इसके साथ ही उन्होंने खुद इस बात पर मुहर लगा दी कि उनके बाद डी.के. शिवकुमार ही राज्य की कमान संभालेंगे। इस ऐलान के साथ ही पिछले तीन सालों से दोनों दिग्गजों के बीच चल रहा नेतृत्व का शीतयुद्ध तो खत्म हो गया, लेकिन असली सस्पेंस अब नई कैबिनेट के चेहरों को लेकर शुरू हुआ है।
अंदरूनी सूत्रों के हवाले से पता चला है कि नई कैबिनेट की संरचना को लेकर दिल्ली से बेंगलुरु तक बैठकों का दौर जारी है। कांग्रेस आलाकमान के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्षेत्रीय, जातिगत और सामुदायिक प्रतिनिधित्व में संतुलन बिठाने की है।
जी. परमेश्वर पर सस्पेंस: सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व चाहता है कि वरिष्ठ दलित नेता जी. परमेश्वर कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) का पद संभालें। हालांकि, खबर है कि परमेश्वर खुद इस पद को लेने के लिए ज्यादा इच्छुक नहीं हैं और वे कैबिनेट में कोई अहम मंत्रालय चाहते हैं। प्रियंका खड़गे का बढ़ता कद: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियंका खड़गे का नाम भी कैबिनेट के शीर्ष मंत्रियों की सूची में सबसे आगे चल रहा है। उन्हें कोई बहुत बड़ा और प्रभावशली विभाग सौंपे जाने की अटकलें हैं।
इस पूरे सियासी ड्रामे में सतीश जारकीहोली का नाम सबसे दिलचस्प बनकर उभरा है। आंतरिक परामर्शों के दौरान सामने आया है कि जारकीहोली इस समय कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष पद की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं।
#WATCH | Bengaluru, Karnataka: Congress leader M.C. Sudhakar says, "...There are no claimants, it was very clear and our Outgoing CM has very categorically mentioned that DK Shivakumar is going to take up the responsibility and he has extended his whole-hearted support and he has… pic.twitter.com/lPfcB6waGz
— ANI (@ANI) May 30, 2026
लेकिन सस्पेंस यहां है-जारकीहोली ने आलाकमान के सामने इच्छा जताई है कि वे संगठन के इस बड़े पद (KPCC चीफ) के साथ-साथ नई सरकार में मंत्री पद भी अपने पास रखना चाहते हैं। अगर आलाकमान उनकी इस 'एक व्यक्ति, दो पद' की मांग को मान लेता है, तो राज्य की राजनीति में जारकीहोली का दबदबा बेहद मजबूत हो जाएगा।
डी.के. शिवकुमार जैसे ही मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगे, उनके सामने चुनौतियों का पहाड़ खड़ा होगा। उन्हें न केवल वरिष्ठ नेताओं को संतुष्ट करना है, बल्कि पार्टी में एक पीढ़ीगत बदलाव (Generational Shift) भी दिखाना है। कर्नाटक के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक गुट यानी लिंगायत समुदाय को कैबिनेट में भारी प्रतिनिधित्व देने की तैयारी है, क्योंकि उनके समर्थन के बिना राज्य में सरकार चलाना मुमकिन नहीं है। इसके अलावा, उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) पदों के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अनुसूचित जाति (SC) समुदायों के कद्दावर नेताओं के नामों पर माथापच्ची चल रही है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए कैबिनेट में एक प्रमुख मुस्लिम चेहरे को भी बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त आर.वी. देशपांडे, दिनेश गुंडू राव और एच.के. पाटिल जैसे कप्तानों के नाम भी रेस में बने हुए हैं। हालांकि, अंतिम सूची पर आखिरी मुहर दिल्ली में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में ही लगेगी। तब तक कयासों और अटकलों का यह दौर बेंगलुरु के राजनीतिक तापमान को और बढ़ाए रखेगा।
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