
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का जीवन भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि स्वामी जी के जन्म स्थल सिवनी में उनके दिव्य स्तंभ की स्थापना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को उनके विचारों और आदर्शों से प्रेरणा देगा। मुख्यमंत्री शुक्रवार को जबलपुर एयरपोर्ट से सिवनी जिला मुख्यालय स्थित शंकराचार्य चौक के लोकार्पण कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए और संबोधित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी का दायित्व है कि शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के विचारों और संस्कारों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में व्यापक रूप से प्रसारित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सनातन मूल्यों से प्रेरणा लेकर सुशासन की दिशा में कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को सहेजते हुए विकास को आगे बढ़ाया जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक विरासत और आधुनिक विकास को साथ लेकर चलना ही सरकार की प्राथमिकता है।
दिव्य स्तंभ के लोकार्पण अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज ने आदि शंकराचार्य के जीवन और सनातन धर्म में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के आध्यात्मिक योगदान और राष्ट्रधर्म के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन समाज और राष्ट्र के लिए मार्गदर्शक है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।