गठबंधन पर फुलस्टॉप! मायावती ने साफ किया विधानसभा चुनाव 2027 का गेम प्लान

Published : Feb 18, 2026, 11:33 AM IST

UP Election 2027: यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मायावती ने गठबंधन की सभी अटकलों को खारिज करते हुए साफ कहा कि बसपा अकेले चुनाव लड़ेगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सपा, भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधा और कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने का संदेश दिया।

PREV
15
2027 का यूपी चुनाव अकेले लड़ेगी BSP, गठबंधन की अटकलों को बताया ‘मनगढ़ंत’

उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनावी सरगर्मी अब खुलकर दिखाई देने लगी है। विधानसभा चुनाव में एक साल से भी कम समय बचा है और इसी के साथ सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। इसी बीच बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने मीडिया के सामने आकर साफ कर दिया कि 2027 का चुनाव उनकी पार्टी अकेले लड़ेगी। गठबंधन को लेकर चल रही चर्चाओं को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया।

25
गठबंधन की खबरों पर सख्त रुख

18 फरवरी को मीडिया से बातचीत में मायावती ने कहा कि बसपा के किसी भी दल के साथ गठबंधन की खबरें “फेक न्यूज” हैं। उन्होंने इन अटकलों को झूठ, हवा-हवाई और मनगढ़ंत बताया। उनके मुताबिक, इस तरह की खबरें जनता को गुमराह करने की कोशिश हैं और मीडिया को ऐसी अफवाहों से बचना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले गठबंधन की चर्चाएं अक्सर रणनीतिक दबाव बनाने के लिए उछाली जाती हैं। लेकिन मायावती ने अपने बयान से स्पष्ट संकेत दे दिया है कि फिलहाल बसपा किसी साझा मोर्चे का हिस्सा नहीं बनने जा रही।

35
9 अक्टूबर 2025 की रैली का फिर किया जिक्र

मायावती ने याद दिलाया कि 9 अक्टूबर 2025 को लखनऊ में आयोजित विशाल रैली में उन्होंने सार्वजनिक रूप से ऐलान किया था कि बसपा 2027 का चुनाव अपने दम पर लड़ेगी। उनके अनुसार, जब पार्टी पहले ही अपना रुख साफ कर चुकी है तो गठबंधन की अटकलों का कोई आधार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी को नुकसान पहुंचाने के लिए जानबूझकर भ्रम फैलाया जा रहा है। अगर कोई मीडिया या राजनीतिक दल ऐसी खबरों को आगे बढ़ाता है तो इसे बसपा के खिलाफ हठकंडा माना जाएगा।

45
कांग्रेस, सपा और भाजपा पर सीधा हमला

अपने बयान में मायावती ने कांग्रेस, सपा और भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन दलों की सोच संकीर्ण और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की विचारधारा के विपरीत है। बसपा के साथ गठबंधन की चर्चा को उन्होंने अन्य दलों का राजनीतिक स्वार्थ बताया। उनका तर्क है कि पिछले अनुभव बताते हैं कि गठबंधन से बसपा को लाभ से ज्यादा नुकसान हुआ है। यही वजह है कि पार्टी 2027 में स्वतंत्र रणनीति के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।

55
कार्यकर्ताओं को संदेश: “हाथी की तरह मस्त चाल”

मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे विरोधियों की साजिशों पर ध्यान न दें। चुनाव नजदीक आने के साथ “साम-दाम-दंड-भेद” की राजनीति तेज होगी, लेकिन बसपा को अपने संगठन और बूथ स्तर की तैयारी पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए। उन्होंने 2029 तक पूर्ण बहुमत के लक्ष्य का भी जिक्र किया, जो यह संकेत देता है कि बसपा दीर्घकालिक राजनीतिक रणनीति पर काम कर रही है, न कि सिर्फ तात्कालिक चुनावी समीकरणों पर।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलित वोट बैंक हमेशा निर्णायक भूमिका में रहा है। बसपा की रणनीति साफ है, कोर वोट बैंक को मजबूत करना और नए सामाजिक समीकरण बनाना। ऐसे में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला जोखिम भरा जरूर है, लेकिन पार्टी इसे आत्मविश्वास के रूप में पेश कर रही है।

अब देखना होगा कि आने वाले महीनों में राजनीतिक हालात किस दिशा में जाते हैं। फिलहाल इतना तय है कि 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव बहुकोणीय मुकाबले की ओर बढ़ रहा है और मायावती ने अपनी लाइन स्पष्ट कर दी है, बसपा मैदान में अकेली, लेकिन पूरे दमखम के साथ।

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Photos on

Recommended Stories