
AISA अध्यक्ष नेहा बोहरा की ‘ब्राह्मणवादी व्यवस्था’ पर टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। महाकाल मंदिर के पुजारी और अखिल भारतीय पुजारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश शर्मा ने आखिर नेहा बोहरा की टिप्पणी पर क्या कहा? देखिए उनका पूरा बयान।
उज्जैन (मध्य प्रदेश): AISA अध्यक्ष नेहा बोहरा की ‘ब्राह्मणवादी व्यवस्था’ को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद बढ़ता दिख रहा है। श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी और अखिल भारतीय पुजारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश शर्मा ने उनके बयान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सरकार से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने और ब्राह्मणों व देवी-देवताओं के अपमान के खिलाफ कानून बनाने की मांग की है।
Neha Bohra Statement: महेश शर्मा ने उठाए सवाल
महेश शर्मा का कहना है कि देश ने आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में प्रगति की है, लेकिन आध्यात्मिक स्तर पर स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सनातन धर्म को लेकर लगातार ऐसी टिप्पणियां की जाती हैं, जिन पर सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई नहीं होती।
उन्होंने नेहा बोहरा की टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी निंदा की।
उनका आरोप है कि सनातन धर्म और पुजारियों को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि दूसरे समुदायों के धार्मिक मामलों पर ऐसी टिप्पणियां नहीं की जातीं, लेकिन सनातन धर्म को लेकर बयान दिए जाते हैं।
Mahesh Sharma Demand: ब्राह्मण निंदा पर कानून बनाने की मांग
महेश शर्मा ने कहा कि ब्राह्मणों और देवी-देवताओं के अपमान से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ मुकदमा चलाया जाए और सजा का प्रावधान हो।
सरकार से ऐसे बयानों पर तत्काल संज्ञान लेने की अपील की।
प्रधानमंत्री और संबंधित नेताओं से इस मुद्दे पर कदम उठाने का आग्रह किया।
कांग्रेस नेतृत्व, राहुल गांधी और सोनिया गांधी से भी इस विवाद पर माफी मांगने की अपील की।
महेश शर्मा ने भगवान परशुराम का उल्लेख करते हुए कहा कि अत्याचार करने वालों को दंड मिलता है। उनका कहना है कि धार्मिक आस्थाओं और सनातन परंपराओं के अपमान को रोकने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।