
China Nepal Border Flood: नेपाल और चीन (तिब्बत) के सीमावर्ती इलाकों में प्रकृति का ऐसा भयानक रूप देखने को मिला है, जिसने पूरे क्षेत्र को दहशत में डाल दिया है। तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर लगे CCTV कैमरों में कैद हुए फुटेज ने इस त्रासदी के भयावह रूप को दुनिया के सामने ला दिया है। पहाड़ी घाटियों से अचानक उठी मटमैले पानी, विशालकाय पत्थरों और मलबे की प्रचंड दीवार ने चंद सेकंडों में हंसते-खेलते सीमावर्ती कस्बों को निगल लिया। इस आपदा में अब तक 160 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 133 भारतीय तीर्थयात्रियों सहित सैकड़ों लोग लापता हैं।
ग्यिरोंग पोर्ट के इमिग्रेशन दफ्तर और पार्किंग एरिया में लगे कैमरों में दर्ज तस्वीरें रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं। सुबह के समय जब इलाके में सामान्य चहल-पहल थी, तभी पहाड़ियों के ऊपर से धुंध और धूल का घना गुबार उठता दिखा। देखते ही देखते मलबे का एक विशाल शैलाब गाड़ियों, इमारतों और लोगों को अपनी चपेट में लेने लगा। वीडियो में असहाय लोग जान बचाने के लिए बदहवास भागते दिख रहे हैं, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि कई लोग पलक झपकते ही बह गए। कई भारी-भरकम ट्रक और गाड़ियां तिनके की तरह बहती नजर आईं।
This is seriously scary. CCTV footage from Gyirong Port in Tibet, China, directly opposite Nepal’s Rasuwa district. This flash flood hit here first and later caused massive havoc in Nepal. Can’t even imagine someone surviving this. Prayers for everyone affected. 🙏 https://t.co/o805P8KGSu pic.twitter.com/31QzZ64aBD
— Nikhil saini (@iNikhilsaini) August 26, 2026
इस आपदा में कम से कम 160 से ज्यादा लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि करीब 844 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के अनुसार प्रभावित इलाके से 384 यात्रियों के लापता होने की सूचना है। इनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। लापता विदेशी यात्रियों में 133 भारतीय पर्यटक और 37 NRI बताए गए हैं। इसके अलावा अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड के नागरिक भी शामिल हैं।
These visuals from the floods in Rasuwa, Nepal are absolutely horrific. The scale of the destruction looks unreal, almost like a scene from a disaster movie.The entire Himalayan belt needs to seriously work on better early warning systems for such flash floods. Prayers for… pic.twitter.com/7iiupXXIzT
— Nikhil saini (@iNikhilsaini) August 26, 2026
यह जलप्रलय उस समय आई जब कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सैकड़ों श्रद्धालु सीमा पार करने की तैयारी में थे। रसुवा जिले के टिमुरे और स्याप्रू बेसी में रुके तीर्थयात्री और पर्यटक सीधे इस बाढ़ की चपेट में आ गए। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, लापता लोगों में 105 भारतीय नागरिकों के साथ-साथ 37 अनिवासी भारतीय (NRI) भी शामिल हैं। सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल्स के जरिए गए 59 तीर्थयात्रियों का भी अभी तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।
तिब्बत की ओर से भोटे कोशी नदी में आए इस उफान ने नेपाल के रसुवा, धाडिंग और नुवाकोट जिलों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया। नदी का जलस्तर अचानक 30 फीट तक ऊपर उठ गया।
भोटेकोसी नदी रसुवामा तिब्बत तर्फबाट ठुलो बाढी प्रवेश गरेकोले अर्को सूचना नआउँदासम्म त्रीशुली नदीको तटिय क्षेत्रका जिल्लाहरु नुवाकोट, धादिङ, चितवन, गोरखा लगायतका स्थानहरूमा उच्च सतर्कता सहित सुरक्षित स्थानमा रहन अनुरोध छ। pic.twitter.com/Zun6icZZCM
— Nepal Police (@NepalPoliceHQ) August 26, 2026
नेपाल सेना ने प्रभावित क्षेत्र में हेलीकॉप्टर और आपदा राहत दल तैनात किए हैं। नेपाल पुलिस और स्थानीय लोगों द्वारा साझा किए गए वीडियो में पहाड़ी घाटियों से गुजरते कीचड़ भरे पानी के बेहद तेज बहाव को देखा जा सकता है। नेपाल पुलिस के प्रवक्ता एबी नारायण काफ्ले ने कहा कि नुकसान का सही स्तर अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन बाढ़ बेहद बड़ी है और कई बस्तियां प्रभावित हो सकती हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का अलर्ट जारी किया गया है।
दक्षिण एशिया में जून से सितंबर के बीच मानसूनी बारिश अक्सर बाढ़ और भूस्खलन का कारण बनती है। पिछले साल जुलाई में भी ग्यिरोंग पोर्ट के पास मडस्लाइड के बाद 17 लोग लापता हुए थे। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि मलबे और तेज बहाव के बीच कितने लोग अब भी फंसे हैं और लापता यात्रियों में कितने सुरक्षित हैं। बचाव अभियान जारी है और आधिकारिक आंकड़ों में आगे बदलाव संभव है।
नेपाल पुलिस के प्रवक्ता एबी नारायण काफ्ले के अनुसार, बाढ़ का दायरा इतना विशाल है कि कई बस्तियों का नामो-निशान मिट गया है। नेपाल सेना और आपदा राहत बल हेलीकॉप्टरों के जरिए दूरदराज के इलाकों में पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, लगातार खराब मौसम और नदियों के उफान के कारण बचाव अभियानों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।