
नई दिल्ली: नेपाल में भोटेकोशी नदी की अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं और कई देशों के नागरिकों के भी अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। नेपाल में हुई इस प्राकृतिक आपदा का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में गंडक नदी से तीन शव बरामद किए गए हैं। आशंका है कि ये शव नेपाल में आई बाढ़ के पानी के साथ बहकर भारत पहुंचे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार को कुशीनगर के खड्डा इलाके में गंडक नदी से तीन शव बरामद किए गए। इन्हें बैराज के पियर नंबर 3 के पास से निकाला गया। फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है और पुलिस तथा प्रशासन उनकी पहचान करने की कोशिश में जुटा है।
खड्डा के एसएचओ संदीप सिंह ने बताया कि निगरानी टीम ने नदी में शवों को बहते हुए देखा। टीम ने तुरंत उन्हें बाहर निकाला और इसकी जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद प्रशासन ने आसपास के नेपाल के जिलों को भी शवों की जानकारी दी, ताकि अगर कोई व्यक्ति लापता है तो पहचान करने में मदद मिल सके।
गंडक नदी में सिर्फ शव ही नहीं मिले हैं। नेपाल में आई बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि नदी के रास्ते बड़ी मात्रा में मलबा भारत तक पहुंचा है।
नदी में गैस सिलेंडर, वाहन, घरों में इस्तेमाल होने वाला सामान और दूसरी चीजें भी बहती हुई मिली हैं। इससे साफ है कि नेपाल में बाढ़ ने कई इलाकों में घरों और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
नेपाल में बाढ़ के बीच एक परिवार की दर्दनाक कहानी भी सामने आई है। परिवार से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि उसके परिवार के करीब 40 लोग लापता हैं। उसने कहा कि वह फिलहाल अकेला है और परिवार के किसी भी सदस्य से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
मीडिया से बातचीत में उसने बेहद भावुक होकर कहा कि अब भगवान पर ही भरोसा है। उसके मुताबिक, यह एक प्राकृतिक आपदा है और हालात इतने खराब हैं कि परिवार के लोगों को ढूंढना भी मुश्किल हो रहा है।
परिवार के सदस्य ने बताया कि उनका परिवार नेपाल के धुंगे बाजार इलाके में रहता था। बाढ़ की तेज धारा में यह पूरा इलाका बह गया। इसके बाद से परिवार के लोगों से किसी भी तरह का संपर्क नहीं हो पाया है।
लगातार संपर्क टूटने और इलाके में हुई तबाही के कारण परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव अभियान जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
नेपाल में आई इस बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर है। भारत, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, चीन समेत कई देशों के नागरिकों के बारे में भी जानकारी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में अलग-अलग देशों की एजेंसियां अपने नागरिकों की जानकारी जुटाने और सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रही हैं।
नेपाल में इस प्राकृतिक आपदा से अब तक 626 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं, बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
नेपाल की बाढ़ का असर सीमा पार भारत में भी दिखाई दे रहा है। गंडक नदी में नेपाल से बहकर पहुंचे शव और मलबा इस आपदा की गंभीरता को दिखा रहे हैं। कुशीनगर प्रशासन शवों की पहचान कराने के साथ-साथ नेपाल के संबंधित जिलों से भी संपर्क बनाए हुए है।
फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती बाढ़ में लापता लोगों का पता लगाना और प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाना है। जैसे-जैसे बाढ़ का पानी कम होगा, तबाही और नुकसान की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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