Nepal: कैलाश मानसरोवर यात्रा साबित हुई आखिरी सफर, बेटियों ने लगाई लापता दंपत्ति की तलाश की गुहार

Published : Aug 28, 2026, 12:25 PM IST
nepal floods couple missing

सार

कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे अमेरिकी OCI दंपत्ति दीपक और मधु आहूजा नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ के बाद लापता हैं। परिवार ने मदद की अपील की है।

Nepal Flash Floods Latest News: अमेरिका में रहने वाले दीपक आहूजा और उनकी पत्नी मधु आहूजा के लिए कैलाश मानसरोवर यात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं थी, बल्कि यह उनके जीवन का एक बड़ा सपना भी था। दीपक अपनी 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर अपनी 'बकेट लिस्ट' में शामिल इस इच्छा को पूरा करने के लिए नेपाल और तिब्बत पहुंचे थे। हालांकि, यात्रा पूरी होने के बाद घर लौटते समय नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण फ्लैश फ्लड ने उनकी जिंदगी को अनिश्चितता में डाल दिया। दोनों अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड भी है। नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन के बाद वे उन करीब 1,400 लोगों में शामिल हैं, जिनके लापता होने की जानकारी सामने आई है। अब तक इस आपदा में 469 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

60वें जन्मदिन पर पूरी कर रहे थे जीवन की सबसे बड़ी इच्छा

दीपक आहूजा अपनी 60वीं वर्षगांठ के मौके पर कैलाश मानसरोवर यात्रा करना चाहते थे। यह उनकी 'बकेट लिस्ट' की सबसे महत्वपूर्ण इच्छाओं में से एक थी। इसी सपने को पूरा करने के लिए वह अपनी पत्नी मधु आहूजा के साथ अमेरिका से यात्रा पर निकले। दोनों 'ईशा सेक्रेड वॉक्स एंड ट्रेकर्स सोसाइटी' के ग्रुप S3 के साथ यात्रा कर रहे थे। यात्रा के दौरान उनका सबसे यादगार अनुभव तिब्बत के सागा शहर में रहा, जहां उन्होंने अपने समूह के साथ सद्गुरु से मुलाकात की। इसके बाद वे यात्रा पूरी कर घर लौटने के लिए दक्षिण दिशा में नेपाल सीमा की ओर रवाना हुए, लेकिन खराब मौसम ने उनकी वापसी को प्रभावित कर दिया।

गियिरोंग इमिग्रेशन क्रॉसिंग पर आई भीषण आपदा

दीपक और मधु आहूजा को आखिरी बार स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे गियिरोंग पोर्ट इमिग्रेशन पोस्ट पर देखा गया था। परिवार के अनुसार, उनके वहां पहुंचने के कुछ ही मिनट बाद भारी बारिश और संभवतः ग्लेशियर झील फटने के कारण अचानक भीषण बाढ़ आ गई। इस आपदा ने पूरे इलाके को प्रभावित कर दिया। सड़कें टूट गईं, बिजली व्यवस्था ठप हो गई और टेलीकम्युनिकेशन सेवाएं भी बाधित हो गईं।

बेटियों को 'Find My' ऐप से मिल रही थी आखिरी लोकेशन

दीपक और मधु आहूजा की बेटियां श्रेया और आशना आहूजा लगातार अपने माता-पिता का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं। उनका मानना है कि उनके माता-पिता सीमा चौकी के चीनी हिस्से में फंसे हो सकते हैं। इसी उम्मीद के साथ उन्होंने अपने निजी संपर्कों के जरिए बचाव एजेंसियों तक पहुंच बनाई है। साथ ही वे कई अंतरराष्ट्रीय दूतावासों के भी लगातार संपर्क में हैं।

ईशा फाउंडेशन ने दी हादसे की जानकारी

श्रेया आहूजा ने बताया कि उनके माता-पिता कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी करने के बाद सागा से लौट रहे थे। उन्होंने कहा, "ईशा फाउंडेशन के अनुसार, वे नेपाली स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे तिब्बत और नेपाल की सीमा पर स्थित गियिरोंग पोर्ट पहुंचे थे। उन्हें आखिरी बार बॉर्डर क्रॉसिंग ऑफिस में देखा गया। बताया गया कि उनके वहां पहुंचने के कुछ मिनट बाद ही पोर्ट ऑफिस बाढ़ की चपेट में आ गया।"

बाढ़ से पहले तक मोबाइल ऐप पर दिख रही थी लोकेशन

दोनों बहनों ने बताया कि हादसे से कुछ समय पहले तक वे अपने माता-पिता की लोकेशन आईफोन के 'Find My' फीचर के जरिए देख पा रही थीं। लेकिन जैसे ही बाढ़ की खबर सामने आई, उसके बाद ऐप पर दिखाई देने वाली लोकेशन अपडेट होना बंद हो गई और एक ही स्थान पर स्थिर दिखाई देने लगी। आशना आहूजा ने बताया, "हमने अपने माता-पिता से बात की थी और फिर सो गए। जब हमारी नींद खुली तो बाढ़ की खबर मिली। चूंकि वे ईशा फाउंडेशन के साथ यात्रा कर रहे थे, इसलिए फाउंडेशन ने ईमेल के जरिए हमें बताया कि वे उस समूह का हिस्सा थे जो इस आपदा से प्रभावित हुआ है।"

सद्गुरु से मुलाकात के बाद बेहद खुश थे दोनों

श्रेया आहूजा ने बताया कि यह यात्रा उनके परिवार के लिए बेहद खास थी। उन्होंने कहा, “पापा 60 साल के होने पर अपनी बकेट लिस्ट का यह सपना पूरा करना चाहते थे। उनका जन्मदिन 4 अगस्त को था और वे उसी अवसर पर कैलाश मानसरोवर यात्रा करना चाहते थे। वे इस यात्रा को लेकर बहुत उत्साहित थे।” परिवार के अनुसार, लापता होने से पहले हुई आखिरी बातचीत में दीपक और मधु आहूजा ने सद्गुरु से मुलाकात का अनुभव साझा किया था। उन्होंने बताया था कि यह मुलाकात उनके लिए बेहद यादगार रही और वे यात्रा से बहुत खुश थे।

बेटियों ने माता-पिता के लिए भेजा भावुक संदेश

अपने माता-पिता को संदेश देते हुए श्रेया और आशना भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, “हम बस उन्हें बताना चाहते हैं कि हम उनसे बहुत प्यार करते हैं। बहुत से लोग उनकी मदद के लिए आगे आ रहे हैं और हमारा साथ दे रहे हैं। हम चाहते हैं कि वे हिम्मत बनाए रखें। हमें भरोसा है कि वे इस मुश्किल से बाहर निकलेंगे और सुरक्षित घर लौटेंगे।” परिवार ने उन सभी लोगों से अपील की है जिनके पास दीपक और मधु आहूजा के बारे में कोई भी जानकारी हो, वे तुरंत संपर्क करें ताकि उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित खोजा जा सके।

परिवार से संपर्क करने के लिए कॉन्टैक्ट नंबर्स

श्रेया आहूजा: +1 214-213-8228

आशना आहूजा: +1 972-965-6963

सुशील आहूजा: +1 469-525-5462

श्वेतलिना आहूजा: +1 214-385-1893

परिवार के अनुसार, चूंकि दीपक और मधु आहूजा अमेरिकी पासपोर्ट धारक हैं, इसलिए राजनयिक अधिकारियों के साथ आधिकारिक आपातकालीन कल्याण संबंधी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

US दूतावास, काठमांडू (आपातकालीन नागरिक सेवा)

फोन: +977-1-423-4000 / +977-1-400-7200

काम के घंटों के बाद आपातकालीन सेवा: +977-1-400-7266 / +977-1-400-7269

ईमेल: consktm@state.gov

US दूतावास, बीजिंग (तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र डेस्क)

24×7 संकटकालीन हेल्पलाइन: +86 10-8531-4000

ईमेल: BeijingACS@state.gov

US विदेश विभाग – विदेशी नागरिक सेवाएं (वॉशिंगटन, D.C.)

टोल फ्री (अमेरिका): 1-888-407-4747

अंतरराष्ट्रीय संपर्क: +1 202-501-4444

भारतीय दूतावास, काठमांडू – आपातकालीन हेल्पलाइन

हॉटलाइन: +977 985 131 6807 / +977 970 910 7500

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