
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तेजी से बदलते शहरी परिदृश्य के बीच एक बड़ी अवसंरचनात्मक पहल को हरी झंडी मिल गई है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नोएडा मेट्रो रेल परियोजना के सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक 11.56 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड एक्सटेंशन कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। इस कॉरिडोर में कुल 8 स्टेशन प्रस्तावित हैं। संचालन शुरू होने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सक्रिय मेट्रो नेटवर्क की लंबाई बढ़कर 61.62 किलोमीटर हो जाएगी।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश, आईटी पार्क और आवासीय टाउनशिप का विस्तार तेज़ी से हो रहा है। शहरी विशेषज्ञ इसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने की दिशा में निर्णायक कदम मान रहे हैं।
नया कॉरिडोर सेक्टर-142 से सीधे बॉटनिकल गार्डन तक जाएगा, जहां Delhi Metro Rail Corporation की ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन से इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध है। इससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लाखों यात्रियों को दिल्ली के प्रमुख ट्रांजिट हब से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
यह भी पढ़ें: Rural Economy Boost: 1500 गांवों की महिलाओं का 850 करोड़ डेयरी कारोबार, 14,500 बनीं लखपति दीदी
तक अधिक तेज़ और सुगम हो सकेगी। परी चौक से बॉटनिकल गार्डन तक का सफर भी पहले की तुलना में आसान और समयबचत वाला माना जा रहा है।
एक्सटेंशन कॉरिडोर नोएडा के प्रमुख व्यावसायिक और औद्योगिक सेक्टरों को सीधे जोड़ेगा। सेक्टर-145 में Microsoft, सेक्टर-157 में Tata Consultancy Services, सेक्टर-132 में Infosys और Adobe, सेक्टर-135 में Cognizant तथा सेक्टर-127 में Oracle जैसे बड़े संस्थान स्थित हैं।
इनके अलावा एडवांट बिजनेस पार्क, स्काईमार्क वन मॉल और मॉल ऑफ नोएडा जैसे व्यावसायिक केंद्रों तक भी सीधी मेट्रो पहुंच संभव होगी। इससे कर्मचारियों के आवागमन में आसानी और कॉर्पोरेट उत्पादकता में सुधार की उम्मीद है।
सेक्टर-125 स्थित Amity University, सेक्टर-91 का पंचशील बालक इंटर कॉलेज, सेक्टर-44 का महामाया बालिका इंटर कॉलेज और सेक्टर-128 का मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल अब विस्तारित मेट्रो नेटवर्क से अधिक व्यवस्थित रूप से जुड़ सकेंगे। इससे छात्रों, अभिभावकों और मरीजों के लिए दैनिक आवागमन अधिक सुरक्षित और समयबद्ध होगा।
परियोजना के लागू होने के बाद सड़क यातायात का दबाव कम होने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार मेट्रो, निजी वाहनों की तुलना में अधिक ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण अनुकूल परिवहन साधन है।
जैसे लाभ इस विस्तार से जुड़े माने जा रहे हैं। शहरी नियोजन के दृष्टिकोण से यह सतत विकास मॉडल की दिशा में अहम कदम है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की सरकार लंबे समय से बेहतर कनेक्टिविटी को निवेश आकर्षण का आधार मानती रही है। राज्य में औद्योगिक कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे और मेट्रो नेटवर्क का विस्तार इसी रणनीति का हिस्सा है।
आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ शरद कोहली का कहना है: “बुनियादी ढांचे के विकास में बेहतर कनेक्टिविटी की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। जिस तरह से नोएडा और ग्रेटर नोएडा औद्योगिक गतिविधियों का हब बन रहे हैं, यह नया मेट्रो रूट दिल्ली व नोएडा/ग्रेटर नोएडा के बीच कनेक्टिविटी को सुगम करेगा। इससे नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा और मेट्रो स्टेशनों के आसपास व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को आधुनिक और सतत शहरी विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का हिस्सा है।”
कुल मिलाकर, सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक प्रस्तावित यह 11.56 किमी का विस्तार केवल एक मेट्रो लाइन नहीं, बल्कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा के शहरी भविष्य की नई रेखा माना जा रहा है। यदि परियोजना तय समयसीमा में पूरी होती है, तो यह क्षेत्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सबसे बेहतर कनेक्टेड शहरी क्लस्टरों में शामिल हो सकता है।
यह भी पढ़ें: UP Budget 2026 News: अयोध्या पर्यटन विकास के लिए 250 करोड़, 8 धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण की तैयारी
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।