
भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत और कूटनीतिक प्रभाव का एक और बड़ा उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब स्वीडन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल “रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार कमांडर ग्रैंड क्रॉस” से सम्मानित किया। यह सम्मान किसी विदेशी सरकार प्रमुख को दिया जाने वाला स्वीडन का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी को मिला यह सम्मान न सिर्फ भारत-स्वीडन रिश्तों की मजबूती का प्रतीक है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख को भी दर्शाता है। खास बात यह है कि यह किसी विदेशी देश की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को मिला 31वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।
Royal Order of the Polar Star की स्थापना वर्ष 1748 में की गई थी। यह सम्मान उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने स्वीडन और उसके हितों के लिए असाधारण योगदान दिया हो, खासकर सार्वजनिक सेवा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में। विशेषज्ञ मानते हैं कि किसी विदेशी नेता को यह सम्मान दिया जाना दोनों देशों के बीच गहरे विश्वास और मजबूत रणनीतिक साझेदारी का संकेत होता है।
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प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय दौरे पर रविवार को गोटेबोर्ग पहुंचे। वहां एयरपोर्ट पर स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ़ क्रिस्टर्सन ने उनका विशेष स्वागत किया। प्रधानमंत्री के विमान के स्वीडिश एयरस्पेस में प्रवेश करते ही स्वीडिश वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने एयर एस्कॉर्ट दिया। इसे भारत और स्वीडन के मजबूत होते संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और स्वीडिश प्रधानमंत्री के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी हुई। इस बैठक में व्यापार, निवेश, रक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप, जलवायु परिवर्तन, स्पेस टेक्नोलॉजी और उभरती तकनीकों पर सहयोग बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों देशों ने सप्लाई चेन को मजबूत बनाने और ग्रीन ट्रांजिशन यानी हरित विकास मॉडल पर साथ काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
भारत और स्वीडन के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 7.75 अरब डॉलर तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी और डिफेंस सेक्टर में यह साझेदारी और मजबूत हो सकती है।
गोटेनबर्ग में भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान स्वीडिश ओपेरा सिंगर शार्लोटा हुल्ड्ट ने महात्मा गांधी का प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो’ प्रस्तुत किया, जिसने माहौल को भावुक बना दिया। वहीं, लिला अकादेमियन के छात्रों ने भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में बंगाली संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। प्रधानमंत्री मोदी ने बाद में सोशल मीडिया पर कहा कि बंगाली संस्कृति को दुनिया भर में पसंद किया जाता है और स्वीडन में भी इसकी लोकप्रियता साफ दिखाई देती है।
यह प्रधानमंत्री मोदी की वर्ष 2018 के बाद पहली स्वीडन यात्रा है। इससे पहले वह इंडिया-नॉर्डिक समिट में शामिल होने के लिए स्वीडन गए थे।विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत और नॉर्डिक देशों के बीच बढ़ता सहयोग आने वाले समय में व्यापार, टेक्नोलॉजी और रक्षा क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल सकता है।
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