कौन है 194 साल का जोनाथन जिससे मिले PM मोदी, क्यों चर्चा में है दुनिया का सबसे उम्रदराज जीव

Published : Jun 28, 2026, 01:21 PM IST
Jonathan Tortoise

सार

सेशेल्स दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के सबसे उम्रदराज जमीनी जानवर जोनाथन कछुए से मुलाकात की। इसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है।

Who is Jonathan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सेशेल्स दौरा कई मायनों में खास रहा। इस यात्रा के दौरान उन्होंने दुनिया के सबसे उम्रदराज जीवित जमीनी जानवर जोनाथन से मुलाकात की। यह मुलाकात सेशेल्स नेशनल बॉटनिकल गार्डन्स में हुई, जहां प्रधानमंत्री ने पौधरोपण भी किया। यह कदम भारत और सेशेल्स की ओर से पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर इस दौरे की तस्वीरें और जानकारी भी साझा की।

सेशेल्स दौरे पर राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल हुए पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मौजूदा सेशेल्स दौरे के दौरान वहां के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए हैं। यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस वर्ष भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाने के लिए कई अहम कार्यक्रम और उच्च-स्तरीय बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं।

कौन है जोनाथन? दुनिया का सबसे उम्रदराज जमीनी जानवर

जोनाथन कोई साधारण कछुआ नहीं है। यह एक विशालकाय कछुआ (Giant Tortoise) है, जिसका जन्म करीब 1832 में माना जाता है। इसकी अनुमानित उम्र लगभग 194 साल है। इसी वजह से जोनाथन का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दुनिया के सबसे उम्रदराज जीवित जमीनी जानवर के रूप में दर्ज है। करीब 2 सदियों की अपनी लंबी ज़िंदगी में जोनाथन ने दुनिया को कई बड़े बदलावों से गुजरते देखा है। उसने भाप के इंजन के दौर से लेकर आधुनिक कंप्यूटर और डिजिटल युग तक का सफर देखा है। इस लिहाज से वह इतिहास का एक जीवित गवाह माना जाता है।

पौधारोपण के जरिए दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

सेशेल्स नेशनल बॉटनिकल गार्डन्स के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पौधारोपण भी किया। यह पहल दोनों देशों की ओर से पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और टिकाऊ भविष्य (Sustainable Development) के प्रति साझा सोच को दर्शाती है। इस कार्यक्रम को केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति संयुक्त प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।

भारत-सेशेल्स संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर

सेशेल्स यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और वहां के शीर्ष नेतृत्व के बीच कई अहम बैठकें भी प्रस्तावित हैं। इन चर्चाओं का उद्देश्य दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद सहयोग को और मजबूत करना, द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देना और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाना है।

वैज्ञानिकों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है जोनाथन

जोनाथन सेशेल्स में पाई जाने वाली विशाल कछुए की प्रजाति का सदस्य है। आज वह केवल सेशेल्स नेशनल बॉटनिकल गार्डन्स का निवासी भर नहीं है, बल्कि एक जीवित ऐतिहासिक धरोहर के रूप में जाना जाता है। उसकी असाधारण उम्र के कारण वैज्ञानिक, वन्यजीव विशेषज्ञ और दुनिया भर से आने वाले पर्यटक उसे देखने के लिए यहां पहुंचते हैं। लगभग दो सौ साल तक जीवित रहने वाला यह विशाल कछुआ प्रकृति का एक अनोखा उदाहरण माना जाता है।

जोनाथन क्यों है पूरी दुनिया के लिए खास?

करीब 194 साल की उम्र के साथ जोनाथन केवल एक विशाल कछुआ नहीं, बल्कि इतिहास का जीवित साक्षी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उससे मुलाकात ने सेशेल्स दौरे को और भी खास बना दिया। साथ ही पौधारोपण के जरिए दिया गया पर्यावरण संरक्षण का संदेश इस यात्रा को प्रतीकात्मक और यादगार बनाता है।

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