Privatisation: IDBI बैंक की बिक्री पर भड़के राहुल गांधी, कर्मचारियों को लिखा खुला खत; मोदी सरकार से पूछे सवाल

Published : Oct 30, 2026, 11:16 AM IST
Rahul Gandhi on IDBI Bank

सार

IDBI Bank Privatization: IDBI बैंक के निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों के आंदोलन को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का समर्थन मिला है। उन्होंने जनता के पैसों से बने मुनाफे वाले बैंक को बेचने के सरकारी फैसले पर सवाल उठाए हैं। राहुल ने चेतावनी दी कि इस कदम से कर्मचारियों, निवेशकों और आरक्षण नीतियों पर बुरा असर पड़ेगा।

Rahul Gandhi on IDBI Bank: केंद्र सरकार IDBI बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। इस प्रस्तावित निजीकरण को लेकर बैंक कर्मचारियों में नाराजगी है। अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी कर्मचारियों के समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने बैंक कर्मचारियों को एक खुला पत्र लिखकर केंद्र सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी का कहना है कि जिस सरकारी बैंक को कर्मचारियों ने अपनी मेहनत से मुनाफे में पहुंचाया, उसे अब निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है।

IDBI बैंक को बेचने की जरूरत क्यों?

राहुल गांधी ने IDBI बैंक के निजीकरण की जरूरत पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह संस्थान आम जनता की गाढ़ी कमाई से खड़ा हुआ है। उन्होंने चिंता जताई कि बैंक की हिस्सेदारी बेचने का असर सिर्फ कर्मचारियों पर ही नहीं, बल्कि आम निवेशकों और सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

राहुल ने पिछले साल मार्च में संसद भवन में बैंक कर्मचारियों के साथ हुई मुलाकात का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस दौरान कर्मचारियों ने उनसे सवाल किया था कि जिस बैंक को उन्होंने दिन-रात मेहनत करके मुनाफे में पहुंचाया, सरकार उसे बेचना क्यों चाहती है? राहुल के मुताबिक, उन्होंने यह मुद्दा संसद में भी उठाया था, लेकिन सरकार की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

2003 के वादे की दिलाई याद

अपने पत्र में राहुल गांधी ने साल 2003 में संसद में किए गए उस वादे का भी जिक्र किया, जिसमें IDBI बैंक में सरकार की कम से कम 51 फीसदी हिस्सेदारी बनाए रखने की बात कही गई थी।

उन्होंने कहा कि IDBI बैंक जनता के पैसे से बना संस्थान है और इसका मालिकाना हक देश के लोगों से जुड़ा है। राहुल के मुताबिक, भले ही कानूनी तौर पर परिस्थितियां बदल सकती हैं, लेकिन जनता से किया गया वादा अपनी जगह कायम रहना चाहिए।

फेयरफैक्स को हिस्सेदारी बेचने की तैयारी

  • दरअसल, केंद्र सरकार IDBI बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। इस सौदे में कनाडा की कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स (Fairfax Financial Holdings) का नाम सामने आया है। हालांकि, हिस्सेदारी की बिक्री और वैल्यूएशन प्रक्रिया में देरी के साथ इसके तरीकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
  • राहुल गांधी ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश में सरकारी बैंक बनाए और भाजपा सरकार उन्हें बेचने में जुटी है। उन्होंने बैंक कर्मचारियों के हितों की रक्षा और IDBI बैंक के भविष्य को लेकर सरकार से जवाब मांगा है।
  • इस तरह IDBI बैंक के प्रस्तावित निजीकरण को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। एक तरफ सरकार की विनिवेश प्रक्रिया है, तो दूसरी तरफ बैंक कर्मचारी और विपक्ष इस फैसले का विरोध कर रहे हैं।

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