
S Jaishankar UNGA Address: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के मंच से भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर पूरी दुनिया के सामने आतंकवाद पर देश का सबसे कड़ा और साफ रुख जाहिर कर दिया है। शनिवार को न्यूयॉर्क में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने बिना नाम लिए पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई। जयशंकर ने दोटूक कहा कि कोई देश एक हाथ में आतंकवाद का हथियार रखे और दूसरे हाथ से दोस्ती की उम्मीद करे, ये कतई मुमकिन नहीं है। उन्होंने साफ लफ्जों में चेतावनी दी कि आतंक को पालने और उसे बढ़ावा देने वाली सरकारों की जवाबदेही तय होनी चाहिए और भारत अपनी हिफाजत के लिए जरूरी कदम उठाने से कभी पीछे नहीं हटेगा।
विदेश मंत्री ने अपने भाषण में पाकिस्तान का सीधा नाम लिए बगैर उसकी पोल खोलकर रख दी। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को इसी सभा में एक ऐसा देश तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहा था, जो खुद आतंकवाद का पुराना और पक्का खिलाड़ी (Serial Practitioner) रहा है। जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद को आम बात साबित करने और उसके बुरे नतीजों से बचने की चालें अब चलने वाली नहीं हैं। भारत किसी भी सूरत में आतंक को बर्दाश्त नहीं करेगा और देश के नागरिकों की रक्षा करना भारत का बुनियादी अधिकार है।
द्विपक्षीय संबंधों और बातचीत को लेकर विदेश मंत्री ने भारत का नजरिया पूरी तरह साफ कर दिया। उन्होंने कहा, जब तक सीमा पार से खून-खराबा और साजिशें जारी रहेंगी, तब तक किसी भी तरह के अच्छे रिश्तों या भरोसे की उम्मीद नहीं की जा सकती। जयशंकर ने कहा कि रिश्ते सुधारने की जिम्मेदारी उस पर है जो आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। जब तक वह अपनी हरकतें बंद नहीं करता, बातचीत का कोई मतलब नहीं रह जाता। उन्होंने कहा, आतंकवादियों को पैसा पहुंचाने वाले नेटवर्क, उनके मददगारों और उन्हें पनाह देने वाली सरकारों को पूरी दुनिया के सामने बेनकाब कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
विदेश मंत्री के इस सख्त तेवर के पीछे हालिया तनाव भी शामिल है। भारत लगातार कहता रहा है कि सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और हमलों को सामान्य नहीं माना जा सकता। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 बेकसूर नागरिकों और पर्यटकों की जान गई थी। इसके जवाब में भारत ने सीमा पार आतंकी ठिकानों पर 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाकर ये साफ कर दिया था कि अपने लोगों की हिफाजत के लिए भारत आत्मरक्षा के अधिकार का पूरा इस्तेमाल करेगा और आगे भी ऐसी किसी भी हिमाकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
पश्चिम एशिया में शांति
एस जयशंकर ने कहा कि इस क्षेत्र में टिकाऊ शांति के लिए 'टू-स्टेट सॉल्यूशन' ही सबसे सही रास्ता है। भारत फिलिस्तीनी लोगों के लिए मानवीय मदद लगातार भेज रहा है। साथ ही समुद्री व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों को उन्होंने पूरी तरह अस्वीकार्य बताया।
'4F' का गहराता संकट
विदेश मंत्री ने अपनी स्पीच में कहा, विकासशील देशों (ग्लोबल साउथ) के सामने भोजन (Food), ईंधन (Fuel), उर्वरक (Fertiliser) और वित्त (Finance) की भारी किल्लत है। अल नीनो और खाद की कमी के कारण खाद्य सुरक्षा पर संकट मंडरा रहा है।
हर चीज को हथियार बनाने की होड़
जयशंकर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के गलत इस्तेमाल, टेक्नोलॉजी और वित्तीय दबाव के जरिए कमजोर देशों को दबाने की प्रवृत्ति पर चिंता जताई और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार की बात कही।
Delivering 🇮🇳’s statement at the 81st session of the @UN General Assembly. #UNGA81 https://t.co/IcMcmTNNAc
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) September 26, 2026
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