
लखनऊ। केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की महत्वाकांक्षी योजना SAMRIDH (Startup Accelerator of MeitY for Product Innovation, Development and Growth) में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। यह योजना स्टार्टअप्स को नवाचार, उत्पाद विकास और व्यवसाय विस्तार के लिए तैयार करने पर केंद्रित है। उत्तर प्रदेश से चयनित एक्सेलेरेटरों और स्टार्टअप्स की संख्या यह दर्शाती है कि प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख स्टार्टअप हब के रूप में उभर रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अपनाई गई स्टार्टअप-अनुकूल नीतियों का प्रभाव अब राष्ट्रीय स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा केंद्र की योजनाओं का लाभ जमीन तक पहुंचाने के लिए लगातार समन्वय किया जा रहा है, जिससे स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिल रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने एक्सेलेरेटरों और स्टार्टअप्स की निगरानी, मेंटरशिप और बाजार से जोड़ने की प्रक्रिया को मजबूत किया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युवा उद्यमियों को केवल फंडिंग ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और टिकाऊ विकास का रास्ता भी मिले।
SAMRIDH योजना के तहत उत्तर प्रदेश से कुल 10 एक्सेलेरेटरों ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जमा किया था, जिनमें से 4 एक्सेलेरेटरों का चयन किया गया। इन चयनित एक्सेलेरेटरों के माध्यम से प्रदेश के 35 स्टार्टअप्स को एक्सेलेरेशन सपोर्ट प्रदान किया गया।
इन 35 स्टार्टअप्स में से 27 स्टार्टअप्स फंडिंग प्राप्त करने में सफल रहे। SAMRIDH योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप्स को कुल 9.91 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई। यह फंडिंग स्टार्टअप्स के उत्पाद विकास, बाजार विस्तार और तकनीकी मजबूती के लिए दी गई है।
केंद्र सरकार की इस योजना में प्रत्येक स्टार्टअप को अधिकतम 40 लाख रुपये तक की मैचिंग फंडिंग का प्रावधान है। इसके साथ ही, स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन देने वाले एक्सेलेरेटरों को भी वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिससे पूरा इकोसिस्टम सशक्त बनता है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि बीते कुछ वर्षों में स्टार्टअप्स के लिए बनाए गए अनुकूल माहौल का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश अब केवल उपभोक्ता राज्य नहीं रहा, बल्कि नवाचार और उद्यमिता का मजबूत केंद्र बन रहा है।
नई स्टार्टअप नीति, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को प्रोत्साहन, तेजी से विकसित होता इन्फ्रास्ट्रक्चर और सिंगल विंडो सिस्टम जैसी पहलें युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित कर रही हैं।
SAMRIDH योजना के अंतर्गत हेल्थ टेक, एजुकेशन टेक, एग्री टेक, फिनटेक, सॉफ्टवेयर सर्विस और कंज्यूमर टेक जैसे क्षेत्रों में कार्य कर रहे स्टार्टअप्स को समर्थन दिया जा रहा है। इन सेक्टर्स में उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप्स की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि राज्य की अर्थव्यवस्था अब पारंपरिक ढांचे से आगे बढ़कर ज्ञान और तकनीक आधारित मॉडल की ओर तेजी से अग्रसर है।
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