
Himalayan Earthquake: हिमालयी क्षेत्र भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। इस इलाके में समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। तिब्बत में भी हाल के दिनों में कई बार धरती डोली है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के रिकॉर्ड के मुताबिक, 2 अक्टूबर 2026 को तिब्बत में 3.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जिसकी गहराई 10 किलोमीटर थी।
NCS के आंकड़ों के मुताबिक, तिब्बत में 2 अक्टूबर को 3.6 तीव्रता के भूकंप के अलावा उसी रात 3.9 तीव्रता का भूकंप भी दर्ज किया गया। यह भूकंप रात 10:20 बजे IST पर आया और इसकी गहराई 15 किलोमीटर दर्ज की गई। इससे पहले 11 सितंबर को भी तिब्बत में 3.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। NCS के अनुसार, उस भूकंप की गहराई 30 किलोमीटर थी।
An earthquake of magnitude 3.6 struck Tibet at 06:00 hours today at a depth of 15 km, according to the National Center for Seismology (NCS). pic.twitter.com/JmXHwRcKIc
— ANI (@ANI) October 3, 2026
तिब्बत के अलावा हिमालयी क्षेत्र के आसपास भी हाल में कई भूकंपीय घटनाएं दर्ज हुई हैं। 22 सितंबर को तिब्बत में 3.9 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र नेपाल की राजधानी काठमांडू से करीब 153 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में दर्ज किया गया था। हालांकि, किसी भूकंप की तीव्रता और गहराई के आधार पर उसके स्थानीय प्रभाव अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए झटके महसूस होने पर घबराने के बजाय सुरक्षा उपायों का पालन करना जरूरी है।
भूकंप जैसी आपदा से निपटने के लिए पहले से तैयारी रखना जरूरी है। घर में प्राथमिक उपचार की किट, टॉर्च, बैटरी वाला रेडियो और जरूरी दवाइयां रखें। भारी सामान और फर्नीचर को इस तरह रखें कि झटके आने पर उनके गिरने का खतरा कम हो। परिवार के सभी सदस्यों को यह जानकारी होनी चाहिए कि जरूरत पड़ने पर गैस, बिजली और पानी की मुख्य आपूर्ति कैसे बंद करनी है।
अगर आप घर के अंदर हैं तो तुरंत मजबूत मेज या डेस्क के नीचे जाकर सिर और गर्दन को सुरक्षित रखें। खिड़कियों, शीशों और भारी सामान से दूरी बनाए रखें। भूकंप के दौरान लिफ्ट का इस्तेमाल न करें। अगर आप खुले स्थान पर हैं तो इमारतों, पेड़ों, बिजली के खंभों और तारों से दूर रहें। वाहन में होने पर सुरक्षित जगह पर गाड़ी रोकें और झटके खत्म होने तक वाहन के अंदर ही रहें।
झटके रुकने के बाद खुद और आसपास मौजूद लोगों की चोटों की जांच करें। जरूरत पड़ने पर प्राथमिक उपचार दें। गैस की गंध या बिजली की लाइन में नुकसान दिखाई दे तो सुरक्षित दूरी बनाकर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। क्षतिग्रस्त इमारतों में वापस जाने से बचें और आधिकारिक निर्देशों का पालन करें। आपात स्थिति में फोन का इस्तेमाल केवल जरूरी संपर्क के लिए करें, ताकि नेटवर्क पर अनावश्यक दबाव न पड़े।
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